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एशियन गेम्स: 'ये पदक स्वर्ण के ही बराबर', निशानेबाज ईशा सिंह के रजत जीतने पर पिता को गर्व; जानें क्या कहा

Mon, 28 Sep 2026 06:54 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया Published by: शोभित चतुर्वेदी Updated Mon, 28 Sep 2026 06:54 PM IST
सार

भारतीय महिला निशानेबाज ईशा सिंह ने एशियन गेम्स में भारत को रजत पदक दिलाया। ईशा के पिता सचिन का कहना है कि यह सिल्वर मेडल उनके लिए स्वर्ण पदक से कम नहीं है।

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Esha Singh's father Sachin on Winning silver medal asian games says This silver is as good as gold
ईशा सिंह - फोटो : PTI

विस्तार

युवा भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह ने सोमवार को एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में देश के लिए रजत जीता। पिता सचिन सिंह बेटी की इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। ईशा ने उतर कोरिया की किम ह्योन सुक को हराकर सिल्वर मेडल जीता। इस मेडल के लिए हुए शूट-ऑफ में मुकाबला काफी कड़ा था। शुरुआती दो शूट-ऑफ राउंड में दोनों बराबरी पर रहीं, जिसके बाद मुकाबला तीन शूट-ऑफ राउंड की सीरीज तक खिंचा। हालांकि, गोल्ड मेडल के लिए चीन की शियाओ जियारुइक्सुआन के खिलाफ हुए दो-सीरीज वाले शूट-ऑफ में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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हांगझोऊ गेम्स में दो मेडल जीतने वाली ईशा को न सिर्फ अपनी प्रतिद्वंद्वियों से मुकाबला करना पड़ा, बल्कि शूट-ऑफ के दौरान आयोजकों की तरफ से अचानक लिए गए कुछ ब्रेक का भी सामना करना पड़ा, जो आमतौर पर एथलीट की लय बिगाड़ देते हैं। हालांकि, ईशा के साथ ऐसा नहीं हुआ। 
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बेटी के सिल्वर मेडल जीतने के बाद पिता सचिन ने कहा, असल में, अगर आप गलत कमांड देकर मैच रोकते हैं, तो दोनों एथलीट्स (चीनी ताइपे की खिलाड़ी और ईशा) की लय बिगड़ जाती है। इससे दिमाग उलझ जाता है। ऐसे में वापस अपनी लय में हासिल करते हुए शूटिंग करना बहुत मुश्किल काम है। उनकी कमांड गलत थी, और फिर वे लाइट बंद करना भी भूल गए। तो, ये चीजें एथलीट को बहुत परेशान करती हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि यह सिर्फ सिल्वर नहीं, बल्कि ईशा के लिए गोल्ड है। उन्होंने जिस तरह हर स्थिति का सामना किया, वापसी की और चीनी खिलाड़ी से मुकाबला किया। इसलिए, मैं इस सिल्वर मेडल को उनके गोल्ड मेडल के बराबर ही मानूंगा। इसमें कोई शक नहीं है।
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ईशा के लिए बड़ा बूस्ट बताया
हांगझोऊ गेम्स के बाद ईशा ने वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में टीम सिल्वर और मिक्स्ड सिल्वर जीता। इसके साथ ही वर्ल्ड कप 2025 में व्यक्तिगत गोल्ड और वर्ल्ड कप 2026 में सिल्वर मेडल पर निशाना साधा। ईशा ओलंपिक गेम्स की तैयारी में जुटी हैं, उनके पिता का मानना है कि एशियन गेम्स के इस मेडल से ईशा को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा, यह बहुत अहम मेडल है। पिछले 18 महीनों में, उन्होंने कई गोल्ड और सिल्वर मेडल जीते हैं। वह वर्ल्ड चैंपियन बनीं, वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर बनीं और वर्ल्ड नंबर वन बनीं। तो, ओलंपिक गेम्स से पहले एक 21 साल की लड़की पर इतनी बड़ी उम्मीदों का बोझ था। यह बहुत बड़ा बोझ था जो वह अपने कंधों पर उठाए हुए थीं। एयर पिस्टल इवेंट में, आप देख सकते थे कि वह असल में उस चीज को रोकने की कोशिश कर रही थीं जो उन्हें नेचुरली शूट करनी थी। तो हां, यह ईशा के लिए एक बहुत बड़ा बूस्ट है।
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