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एथलेटिक्स: गुलवीर ने एशियाड में जीता दूसरा पदक, वित्या ने महिला 400 मीटर बाधा दौड़ दिलाया कांस्य; साबले चूके
Mon, 28 Sep 2026 04:38 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 28 Sep 2026 04:38 PM IST
सार
एशियन गेम्स में सोमवार को भी भारतीय एथलीट्स का पदक जीतने का सिलसिला जारी है। महिला 400 मीटर में वित्या रामराज ने भारत को पदक दिलाया है। वहीं, कुछ स्पर्धाओं में निराशा मिली है।
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वित्या रामराज
- फोटो : Athletics Federation of India
विस्तार
गुलवीर सिंह ने पुरुष 1500 मीटर में रजत पदक दिला, जबकि भारत की वित्या रामराज ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता। वित्या ने महिला 400 मीटर बाधा दौड़ स्पर्धा में पदक दिलाया। हालांकि, पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज में अविनाश साबले को निराशा मिली और वह पदक से चूक गए। वहीं, पुरुष 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष कुमार तमिलसरन भी पोडियम फिनिश नहीं कर सके। आइए जानते हैं एशियाड में सोमवार को भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन कैसा रहा है...
गुलवीर का दमदार प्रदर्शन जारी
भारत के गुलवीर सिंह ने पुरुष 1500 मीटर में रजत पदक जीत लिया। गुलवीर आखिरी लैप में सबसे आगे चल रहे थे, लेकिन अंतिम कुछ सेकेंड में वह पिछड़ गए और दूसरे स्थान पर रहे। गुलवीर ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 3:36.72 मिनट का समय लिया। जापान के काजुतो इजावा 3:36.35 मिनट के समय के साथ स्वर्ण लाने में सफल रहे। गुलवीर 0.37 सेकेंड के समय से पहले स्थान पर आने से चूक गए। एक समय गुलवीर पहले और युनूस शाह तीसरे स्थान पर चल रहे थे, लेकिन युनूस पिछड़ते चले गए और 3:43.88 मिनट का समय लेकर नौवें स्थान पर रहे। गुलवीर का मौजूदा एशियाड में यह दूसरा पदक है। उन्होंने इससे पहले पुरुष 10000 मीटर में रजत पदक जीता था।
वित्या ने तोड़ा पीटी उषा का रिकॉर्ड
वित्या ने अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 54.75 सेकेंड का समय लिया और तीसरे स्थान पर रहकर पदक दिलाया। भारत की एक अन्य एथलीट अनु राघवन 55.88 सेकेंड के अपने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। वित्या ने इसके साथ ही महान धाविका पीटी उषा के चार दशक से अधिक पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। कोयंबटूर की 28 वर्षीय वित्या संयुक्त अरब अमीरात की मरियम करीम और कजाखस्तान की एडेलिना जेम्स के बाद तीसरे स्थान पर रहीं। विथ्या ने उषा के 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में बनाए 55.42 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। वित्या का मौजूदा खेलों में यह दूसरा पदक है। वह इससे पहले चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं।
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संतोष का निराशाजनक प्रदर्शन
पुरुष 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष कुमार तमिलसरन पदक लाने से चूक गए। संतोष ने 49.95 सेकेंड का समय लिया और आठ धावकों में आठवें स्थान पर रहे।
साबले पदक से चूके
भारत के अविनाश साबले पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में पदक लाने से चूक गए। साबले 8:21.67 मिनट के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे और पोडियम फिनिश नहीं कर सके। साबले ने स्वर्ण पदक दिलाने की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने निराशाजनक प्रदर्शन किया।
सीमा चौथे स्थान पर रहीं
राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता सीमा कालीरमण ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद वह एशियाई खेलों में महिलाओं की चक्का फेंक (डिस्कस थ्रो) स्पर्धा के फाइनल में चौथे स्थान पर रहीं। इस प्रतियोगिता में एक समय सीमा तीसरे स्थान पर थी, लेकिन थाईलैंड की सुबेनरात इनसाएंग ने अपने चौथे प्रयास में 61.43 मीटर का थ्रो करके भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया। चीन की फेंग बिन (63.83 मीटर) और जियांग झीचाओ (62.25 मीटर) ने क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीते, जबकि सुबेनरात ने कांस्य पदक हासिल किया। इस स्पर्धा में भाग लेने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी सान्या यादव ने 49.90 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ आठवां और अंतिम स्थान हासिल किया। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया।
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गुलवीर का दमदार प्रदर्शन जारी
भारत के गुलवीर सिंह ने पुरुष 1500 मीटर में रजत पदक जीत लिया। गुलवीर आखिरी लैप में सबसे आगे चल रहे थे, लेकिन अंतिम कुछ सेकेंड में वह पिछड़ गए और दूसरे स्थान पर रहे। गुलवीर ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 3:36.72 मिनट का समय लिया। जापान के काजुतो इजावा 3:36.35 मिनट के समय के साथ स्वर्ण लाने में सफल रहे। गुलवीर 0.37 सेकेंड के समय से पहले स्थान पर आने से चूक गए। एक समय गुलवीर पहले और युनूस शाह तीसरे स्थान पर चल रहे थे, लेकिन युनूस पिछड़ते चले गए और 3:43.88 मिनट का समय लेकर नौवें स्थान पर रहे। गुलवीर का मौजूदा एशियाड में यह दूसरा पदक है। उन्होंने इससे पहले पुरुष 10000 मीटर में रजत पदक जीता था।
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वित्या ने तोड़ा पीटी उषा का रिकॉर्ड
वित्या ने अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 54.75 सेकेंड का समय लिया और तीसरे स्थान पर रहकर पदक दिलाया। भारत की एक अन्य एथलीट अनु राघवन 55.88 सेकेंड के अपने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। वित्या ने इसके साथ ही महान धाविका पीटी उषा के चार दशक से अधिक पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। कोयंबटूर की 28 वर्षीय वित्या संयुक्त अरब अमीरात की मरियम करीम और कजाखस्तान की एडेलिना जेम्स के बाद तीसरे स्थान पर रहीं। विथ्या ने उषा के 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में बनाए 55.42 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। वित्या का मौजूदा खेलों में यह दूसरा पदक है। वह इससे पहले चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं।
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संतोष का निराशाजनक प्रदर्शन
पुरुष 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष कुमार तमिलसरन पदक लाने से चूक गए। संतोष ने 49.95 सेकेंड का समय लिया और आठ धावकों में आठवें स्थान पर रहे।
साबले पदक से चूके
भारत के अविनाश साबले पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में पदक लाने से चूक गए। साबले 8:21.67 मिनट के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे और पोडियम फिनिश नहीं कर सके। साबले ने स्वर्ण पदक दिलाने की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने निराशाजनक प्रदर्शन किया।
सीमा चौथे स्थान पर रहीं
राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता सीमा कालीरमण ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद वह एशियाई खेलों में महिलाओं की चक्का फेंक (डिस्कस थ्रो) स्पर्धा के फाइनल में चौथे स्थान पर रहीं। इस प्रतियोगिता में एक समय सीमा तीसरे स्थान पर थी, लेकिन थाईलैंड की सुबेनरात इनसाएंग ने अपने चौथे प्रयास में 61.43 मीटर का थ्रो करके भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया। चीन की फेंग बिन (63.83 मीटर) और जियांग झीचाओ (62.25 मीटर) ने क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीते, जबकि सुबेनरात ने कांस्य पदक हासिल किया। इस स्पर्धा में भाग लेने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी सान्या यादव ने 49.90 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ आठवां और अंतिम स्थान हासिल किया। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया।