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Chess: दिल्ली के जागृत मिश्रा ने वृंदावन में किया कमाल, अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में जीता सबका दिल
Thu, 04 May 2023 10:07 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Thu, 04 May 2023 10:07 PM IST
सार
जागृत मिश्रा ने 1300-1599 रेटिंग वर्ग में द्वितीय पुरस्कार हासिल किया। 11 वर्षीय जागृत ने पूरे टूर्नामेंट में अविजित रहकर (7/9) इतने कम उम्र में एक नया कीर्तिमान रच दिया।
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जागृत मिश्रा
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
वृंदावन में 23 से 27 अप्रैल तक एमएमटी अंतरराष्ट्रीय ओपन फाईड शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें देश-विदेश के शतरंग खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में सबका ध्यान अपनी ओर दिल्ली के खिलाड़ी जागृत मिश्रा ने खींचा। उन्होंने 1300-1599 रेटिंग वर्ग में द्वितीय पुरस्कार हासिल किया। 11 वर्षीय जागृत ने पूरे टूर्नामेंट में अविजित रहकर (7/9) इतने कम उम्र में एक नया कीर्तिमान रच दिया।
जागृत मिश्रा माउंट कार्मेल स्कूल, आनंद निकेतन के छात्र हैं। उन्होंने सात वर्ष की आयु से ही शतरंज खेलना प्रारंभ कर दिया था। उन्होंने कई राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। जागृत ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच एवं अपनी मां को दिया।
जागृत की मां कल्पना मिश्रा रक्षा मंत्रालय में उप निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने आर्थिक परिस्थितियों से जूझते हुए भी अपने बेटे को शतरंज के लिए आगे बढ़ाया। कल्पना मिश्रा ने अपने कार्यालय से बिना वेतन लंबे अंतराल के लिए अवकाश ले लिया। वह अपने बेटे के लिए छात्रवृत्ति की तलाश में हैं।
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जागृत मिश्रा माउंट कार्मेल स्कूल, आनंद निकेतन के छात्र हैं। उन्होंने सात वर्ष की आयु से ही शतरंज खेलना प्रारंभ कर दिया था। उन्होंने कई राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। जागृत ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच एवं अपनी मां को दिया।
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जागृत की मां कल्पना मिश्रा रक्षा मंत्रालय में उप निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने आर्थिक परिस्थितियों से जूझते हुए भी अपने बेटे को शतरंज के लिए आगे बढ़ाया। कल्पना मिश्रा ने अपने कार्यालय से बिना वेतन लंबे अंतराल के लिए अवकाश ले लिया। वह अपने बेटे के लिए छात्रवृत्ति की तलाश में हैं।
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