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CWG 2022: भारत को पहला रजत पदक दिलाने वाले संकेत के पिता चलाते हैं पान की दुकान, जानें उनके बारे में सबकुछ
Sat, 30 Jul 2022 05:04 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
Published by: रोहित राज
Updated Sat, 30 Jul 2022 05:04 PM IST
सार
संकेत सरगर को पिछले साल अक्तूबर में एनआईएस पटियाला में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया था। वह कोल्हापुर के शिवाजी विश्वविद्यालय में इतिहास के छात्र हैं। संकेत ने खेलों इंडिया यूथ गेम्स 2020 और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2020 में स्वर्ण पदक जीता था।
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संकेत महादेव सरगर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संकेत महादेव सरगर ने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को पहला रजत पदक दिला दिया है। महाराष्ट्र के सांगली के रहने वाली इस 21 वर्षीय भरोत्तोलक ने 55 किग्रा भारवर्ग में इतिहास रच दिया। क्लीन एंड जर्क के दूसरे राउंड में चोटिल होने के बावजूद सरगर ने स्वर्ण के लिए प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। तीन बार के राष्ट्रीय चैंपियन और पिछले साल दिसंबर में राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में रजत जीतने वाले संकेत स्वभाव से शर्मीले हैं और मुकाबलों के दौरान अपनी टीम के सपोर्ट स्टाफ के अलावा किसी से बात नहीं करते हैं।
संकेत महाराष्ट्र के सांगली में पिता की पान की दुकान और खाने की दुकान में मदद करते हैं। वह अपने पिता को अब आराम करते हुए देखना चाहते हैं। संकेत ने इस साल फरवरी में सिंगापुर वेटलिफ्टिंग इंटरनेशनल में 256 किग्रा (स्नैच में 113 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 143 किग्रा) उठाकर कॉमनवेल्थ और राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया था।
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संकेत महाराष्ट्र के सांगली में पिता की पान की दुकान और खाने की दुकान में मदद करते हैं। वह अपने पिता को अब आराम करते हुए देखना चाहते हैं। संकेत ने इस साल फरवरी में सिंगापुर वेटलिफ्टिंग इंटरनेशनल में 256 किग्रा (स्नैच में 113 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 143 किग्रा) उठाकर कॉमनवेल्थ और राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया था।
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पिता की करना चाहते हैं मदद
संकेत ने हाल ही में कहा था, ''अगर वह अगर मैं स्वर्ण जीत लेता हूं तो अपने पिता की मदद करूंगा। उन्होंने मेरे लिए काफी दुख उठाए हैं। मैं उन्हें अब खुशियां देना चाहता हूं।'' संकेत अब पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण जीतना चाहते हैं। संकेत के रजत जीतने के बाद उनके पिता महादेव सरगर ने कहा, ''मेरे बेटे ने भारत को पहला पदक दिया है इससे हम बहुत खुश हैं।''
संकेत ने हाल ही में कहा था, ''अगर वह अगर मैं स्वर्ण जीत लेता हूं तो अपने पिता की मदद करूंगा। उन्होंने मेरे लिए काफी दुख उठाए हैं। मैं उन्हें अब खुशियां देना चाहता हूं।'' संकेत अब पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण जीतना चाहते हैं। संकेत के रजत जीतने के बाद उनके पिता महादेव सरगर ने कहा, ''मेरे बेटे ने भारत को पहला पदक दिया है इससे हम बहुत खुश हैं।''
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2020 में जीते थे दो स्वर्ण
संकेत सरगर को पिछले साल अक्तूबर में एनआईएस पटियाला में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया था। वह कोल्हापुर के शिवाजी विश्वविद्यालय में इतिहास के छात्र हैं। संकेत ने खेलों इंडिया यूथ गेम्स 2020 और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2020 में स्वर्ण पदक जीता था।
संकेत सरगर को पिछले साल अक्तूबर में एनआईएस पटियाला में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया था। वह कोल्हापुर के शिवाजी विश्वविद्यालय में इतिहास के छात्र हैं। संकेत ने खेलों इंडिया यूथ गेम्स 2020 और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2020 में स्वर्ण पदक जीता था।
भारत के लिए पुरुषों में पिछली बार राष्ट्रमंडल खेलों में सतीश शिवलिंगम और रंगला वेंकट राहुल ने स्वर्ण जीता था। संकेत उस क्रम को जारी रखने में कामयाब नहीं हुए। भरोत्तोलन 19वीं बार राष्ट्रमंडल खेलों में है। 1950 में पहली बार यह खेलों का हिस्सा लिया था। इस बार 16 वर्गों में 180 एथलीट भाग ले रहे हैं। इनमें 90 पुरुष और 90 महिला हैं।