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फिर टूटा सायना का विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड का सपना, जापान की ओकुहारा ने दी सेमीफाइनल में मात
amarujala.com- Presented by: नवीन चौहान
Updated Sat, 26 Aug 2017 07:46 PM IST
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सायना नेहवाल
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पिछली बार की सिल्वर मेडलिस्ट सायना नेहवाल का वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने का सपना एक बार फिर चकनाचूर हो गया। शनिवार को ग्लासगो में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में सायना को जापान की ओकुहारा ने उन्हें तीन गेम तक चले मुकाबले में 21-12, 17-21, 21-10 से मात देकर फाइनल में जगह पक्की की।
मैच में सायना ने अच्छी शुरुआत करते हुए पहला गेम 21-12 से अपने नाम किया। पहले गेम के बाद ऐसा लग रहा था कि क्वार्टर फाइनल में कैरोलिना मरीन को मात देकर सेमीफाइनल में पहुंचने वाली ओकुहारा को सायना आसानी से मात देकर फाइनल में जगह पक्की कर लेंगी लेकिन दूसरे सेट के पहले हाफ में 10-11 से बढ़त हासिल करने के बाद ओकुहारा ने सायना को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया। दूसरे गेम में सायना ने दूसरे हाफ में वापसी करते हुए 17-17 की बराबरी कर ली थी लेकिन इसके बाद ओकुहारा ने शानदार खेल दिखाया और लगातार पांच अंक हासिल करते हुए 17-21 से दूसरा सेट अपने नाम कर लिया।
दूसरे सेट में शानदार खेल के साथ वापसी करने वाली ओकुहारा ने सायना को तीसरे सेट में वापसी का कोई मौका नहीं दिया और दूसरे सेट के मोमेंटम को जारी रखा। ओकुहारा ने थकी दिख रही सायना को लंबी लंबी रैली में फांसा और अच्छे स्मैश खेलकर अंक बटोरे। तीसरे सेट की शुरुआत में भी सायना ने 3-1 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद ओकुहारा ने लगातार 8 अंक हासिल कर सायना को बैकफुट पर ढकेल दिया और स्कोर 3-2 से 3-10 तक पहुंचा दिया। निर्णायक सेट के पहले हाफ में ही ओकुहारा ने 4-11 की बढ़त हासिल कर ली जहां से वापसी कर पाना सायना के लिए मुश्किल हो गया। सायना के कंधे झुके दिख रहे थे। ओकुहारा ने अपना आक्रमण जारी रखा और 10-21 से तीसरा सेट जीत कर मैच अपने नाम कर लिया।
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इस मैच से पहले दोनों खिलाड़ियों के बीच 7 मैच खेले गए थे जिसमें से सायना ने 6 में जीत हासिल की थी। लेकिन सायना इस बार पिछले मुकाबलों की तरह प्रदर्शन नहीं कर सकीं और उनका गोल्ड मेडल जीतने का सपना टूट गया। इससे पहले सायना लगतारा सात बार विश्वचैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनी थीं लेकिन वह इस उपलब्धि को यादगार बनाने से चूक गईं। हालांकि सेमीफाइनल में पहुंचने के कारण उन्हें कांस्य पदक जरूर हासिल हुआ है लेकिन यह शायद ही सायना को संतोष दे सके।
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मैच में सायना ने अच्छी शुरुआत करते हुए पहला गेम 21-12 से अपने नाम किया। पहले गेम के बाद ऐसा लग रहा था कि क्वार्टर फाइनल में कैरोलिना मरीन को मात देकर सेमीफाइनल में पहुंचने वाली ओकुहारा को सायना आसानी से मात देकर फाइनल में जगह पक्की कर लेंगी लेकिन दूसरे सेट के पहले हाफ में 10-11 से बढ़त हासिल करने के बाद ओकुहारा ने सायना को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया। दूसरे गेम में सायना ने दूसरे हाफ में वापसी करते हुए 17-17 की बराबरी कर ली थी लेकिन इसके बाद ओकुहारा ने शानदार खेल दिखाया और लगातार पांच अंक हासिल करते हुए 17-21 से दूसरा सेट अपने नाम कर लिया।
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दूसरे सेट में शानदार खेल के साथ वापसी करने वाली ओकुहारा ने सायना को तीसरे सेट में वापसी का कोई मौका नहीं दिया और दूसरे सेट के मोमेंटम को जारी रखा। ओकुहारा ने थकी दिख रही सायना को लंबी लंबी रैली में फांसा और अच्छे स्मैश खेलकर अंक बटोरे। तीसरे सेट की शुरुआत में भी सायना ने 3-1 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद ओकुहारा ने लगातार 8 अंक हासिल कर सायना को बैकफुट पर ढकेल दिया और स्कोर 3-2 से 3-10 तक पहुंचा दिया। निर्णायक सेट के पहले हाफ में ही ओकुहारा ने 4-11 की बढ़त हासिल कर ली जहां से वापसी कर पाना सायना के लिए मुश्किल हो गया। सायना के कंधे झुके दिख रहे थे। ओकुहारा ने अपना आक्रमण जारी रखा और 10-21 से तीसरा सेट जीत कर मैच अपने नाम कर लिया।
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इस मैच से पहले दोनों खिलाड़ियों के बीच 7 मैच खेले गए थे जिसमें से सायना ने 6 में जीत हासिल की थी। लेकिन सायना इस बार पिछले मुकाबलों की तरह प्रदर्शन नहीं कर सकीं और उनका गोल्ड मेडल जीतने का सपना टूट गया। इससे पहले सायना लगतारा सात बार विश्वचैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनी थीं लेकिन वह इस उपलब्धि को यादगार बनाने से चूक गईं। हालांकि सेमीफाइनल में पहुंचने के कारण उन्हें कांस्य पदक जरूर हासिल हुआ है लेकिन यह शायद ही सायना को संतोष दे सके।