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China Masters: एक बार फिर फाइनल में सात्विक-चिराग का टूटा दिल, चाइना मास्टर्स के खिताबी मैच में मिली हार
Sun, 21 Sep 2025 05:21 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, शेनझेन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, शेनझेन
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sun, 21 Sep 2025 05:21 PM IST
सार
सात्विक-चिराग की जोड़ी को चाइना मास्टर्स सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में विश्व की नंबर एक जोड़ी कोरिया के किम योन हो और सियो सिओंग जाए के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
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सात्विक-चिराग की जोड़ी
- फोटो : BAI Media
विस्तार
सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी का दिल एक बार फिर टूट गया। सात्विक-चिराग की जोड़ी को चाइना मास्टर्स सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में विश्व की नंबर एक जोड़ी कोरिया के किम योन हो और सियो सिओंग जाए के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। एशिया खेलों की चैंपियन भारतीय जोड़ी को उम्मीद थी कि वे खिताबी सूखे को समाप्त कर लेंगे, लेकिन उन्हें 45 मिनट में 19-21, 15-21 से हार मिली।
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बढ़त बनाने के बावजूद मिली हार
सात्विक-चिराग की जोड़ी इस सीजन लगातार दूसरे फाइनल में पहुंची, लेकिन एक सप्ताह के भीतर उसे दूसरी बार हार मिली। सात्विक-चिराग ने पहले गेम में 14-7 की मजबूत बढ़त बना ली थी, लेकिन वह इस लय को कायम नहीं रख सके। विश्व चैंपियनशिप में दूसरा कांस्य पदक जीतने और हांगकांग ओपन में उपविजेता रहने के बाद पूरे हफ्ते भारतीय जोड़ी ने एक भी गेम नहीं गंवाया। लेकिन उन्हें मजबूत स्थिति में होने के बावजूद पहला गेम गवाने का मलाल जरूर रहेगा।
सात्विक-चिराग की जोड़ी इस सीजन लगातार दूसरे फाइनल में पहुंची, लेकिन एक सप्ताह के भीतर उसे दूसरी बार हार मिली। सात्विक-चिराग ने पहले गेम में 14-7 की मजबूत बढ़त बना ली थी, लेकिन वह इस लय को कायम नहीं रख सके। विश्व चैंपियनशिप में दूसरा कांस्य पदक जीतने और हांगकांग ओपन में उपविजेता रहने के बाद पूरे हफ्ते भारतीय जोड़ी ने एक भी गेम नहीं गंवाया। लेकिन उन्हें मजबूत स्थिति में होने के बावजूद पहला गेम गवाने का मलाल जरूर रहेगा।
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किम और सियो अन्य जोड़ीदारों के साथ प्रयोग करने के बाद मौजूद सत्र में फिर से साथ आए हैं। यह जोड़ी 2025 के अपने नौवें फाइनल में खेल रही थी और पहले ही छह खिताब जीत चुकी थी जिसमें पेरिस में विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण और ऑल इंग्लैंड तथा इंडोनेशिया ओपन सुपर 1000 का खिताब भी शामिल है। इस मुकाबले को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ आक्रमण और सर्वश्रेष्ठ डिफेंस के बीच की लड़ाई माना जा रहा था और किम तथा सियो ने बेहतर धैर्य और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की।
भारतीय जोड़ी को गलतियों को खामियाजा उठाना पड़ा
कोरियाई टीम ने अच्छी शुरुआत करते हुए पहले गेम में 3-0 की बढ़त बनाई लेकिन भारतीय जोड़ी ने लगातार दमदार स्मैश के साथ वापसी की और स्कोर 6-6 कर दिया। चिराग के नेट पर सटीक शॉट ने भारतीय जोड़ी को ब्रेक तक 11-7 की बढ़त दिला दी और जल्द ही उन्होंने इसे 14-8 कर दिया। हालांकि कुछ गलतियां हुईं जिससे कोरियाई टीम ने पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने 3-2 की बढ़त बनाई और फिर स्कोर 8-6 कर दिया। कोरियाई जोड़ी ने 9-9 पर बराबरी हासिल की और ब्रेक तक एक अंक की बढ़त बनाने में सफल रही। चिराग के दो बार शॉट बाहर मारने से कोरियाई जोड़ी ने पांच मैच प्वाइंट हासिल किए जिसके बाद सात्विक ने बाहर शॉट मारकर खिताब कोरियाई टीम की झोली में डाल दिया।
कोरियाई टीम ने अच्छी शुरुआत करते हुए पहले गेम में 3-0 की बढ़त बनाई लेकिन भारतीय जोड़ी ने लगातार दमदार स्मैश के साथ वापसी की और स्कोर 6-6 कर दिया। चिराग के नेट पर सटीक शॉट ने भारतीय जोड़ी को ब्रेक तक 11-7 की बढ़त दिला दी और जल्द ही उन्होंने इसे 14-8 कर दिया। हालांकि कुछ गलतियां हुईं जिससे कोरियाई टीम ने पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने 3-2 की बढ़त बनाई और फिर स्कोर 8-6 कर दिया। कोरियाई जोड़ी ने 9-9 पर बराबरी हासिल की और ब्रेक तक एक अंक की बढ़त बनाने में सफल रही। चिराग के दो बार शॉट बाहर मारने से कोरियाई जोड़ी ने पांच मैच प्वाइंट हासिल किए जिसके बाद सात्विक ने बाहर शॉट मारकर खिताब कोरियाई टीम की झोली में डाल दिया।