भारत की स्टार महिला शटलर साइना नेहवाल ने सोमवार को 18वें एशियाई खेल में ब्रॉन्ज मेडल जीता। साइना को महिला सिंगल्स के पहले सेमीफाइनल में विश्व की नंबर-1 ताई जू यिंग के हाथों सीधे सेटों में 17-21, 14-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी। बावजूद इसके साइना रिकॉर्ड्स बुक की शान बनी। चलिए बताते हैं आपको कि ऐसा क्यों हुआ। दरअसल, साइना नेहवाल एशियाई खेलों में बैडमिंटन महिला सिंगल्स में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बन गई हैं। इससे पहले यह कारनामा कोई महिला शटलर नहीं कर सकी है।
बता दें कि एशियाई खेलों में 36 साल बाद बैडमिंटन व्यक्तिगत स्पर्धा में किसी खिलाड़ी ने मेडल जीता हे। इससे पहले व्यक्तिगत स्पर्धा में मेडल सैयद मोदी ने जीता था। 1982 एशियाई खेलों में सैयद मोदी ने ब्रॉन्ज मेडल ही जीता था। इस तरह साइना नेहवाल हारने के बावजूद रिकॉर्ड्स बुक में छा गई हैं।
बता दें कि साइना नेहवाल ने की चुनौती सेमीफाइनल मुकाबले में 36 मिनटों में समाप्त हुई। भारतीय शटलर ने पहले गेम में काफी अच्छा खेल दिखाया और ताई को कड़ी टक्कर भी दी। मगर वह अहम मौकों पर अंक गंवा बैठीं और पहले गेम में 17-21 से पीछे रह गईं। बता दें कि साइना नेहवाल और ताइ जू यिंग के बीच इससे पहले 16 मुकाबले खेले गए, जिसमें से भारतीय शटलर के खाते में सिर्फ 5 जीत दर्ज थी, जबकि 11 मुकाबले यिंग ने अपने नाम किए थे।
इसके बाद दूसरे गेम के हाफ टाइम तक मैच रोमांचक हुआ, जहां भारतीय शटलर 10-11 से पिछड़ रहीं थी। यहां से ताई ने साइना को सिर्फ तीन अंक हासिल करने दिए और मुकाबला 21-17 से अपने नाम किया। याद हो कि खराब फॉर्म से जूझ रही साइना नेहवाल ने शुरुआत से एशियाई खेल 2018 में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने पहले मैच में ईरान की सुरैया अघाजियाघा को सिर्फ 26 मिनट में 21-7, 21-9 से हरा दिया था।
इसके बाद प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबले में भी साइना को मशक्कत नहीं करनी पड़ी और उन्होंने इंडोनेशिया की फितरियानी को सीधे गेम में 21-6 और 21-14 से पराजित किया। क्वार्टरफाइनल में साइना ने थाईलैंड की रतचानोक इंतानोन को सीधे सेटों में 21-18 और 21-16 से हराया था।