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'पदक जीतना नंबर वन बनने से ज्यादा अहम'
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 23 Mar 2018 09:09 PM IST
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किदांबी श्रीकांत
- फोटो : SELF
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भारत के स्टार शटलर किदांबी श्रीकांत का चार साल पहले बुखार के कारण राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने का सपना पूरा नहीं हो सका था। पिछले सीजन में शानदार सफलता के बाद अब श्रीकांत पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में उतरेंगे और उनकी हसरत स्वर्ण पदक जीतने की है।
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ग्लासगो में हुए पिछले खेलों से पहले श्रीकांत को अस्वस्थ होने के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। वह गोपीचंद अकादमी के बाथरूम में अचेत पाए गए थे और बाद में जांच में दिमागी बुखार से पीड़ित पाए गए। वह लगभग एक हफ्ते तक गहन चिकित्सा कक्ष में रहे थे। अब वह पुरानी बात हो गई है।
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पिछले साल चार सुपर सीरीज खिताब जीतने वाले श्रीकांत के झोली में तमाम पुरस्कार आए हैं जिनमें पद्मश्री भी शामिल है। राष्ट्रमंडल खेलों में वह स्वर्ण पदक के दावेदारों में शामिल हैं। श्रीकांत ने कहा कि मानसिक रूप से अब वह पहले से ज्यादा मजबूत हैं। निश्चित रूप से पदक जीतना मेरा लक्ष्य है।
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पिछली बार पारूपल्ली कश्यप ने 32 साल बाद भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था। श्रीकांत ने कहा कि पिछले बार हमने अच्छे पदक जीते थे और इस बार पहले से बेहतर खेल रहे हैं। ऐसे में हमारे और पदक जीतने की संभावना है। राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतना मेरे लिए दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी बनने से बेहतर है।