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अवतार : कभी टूर्नामेंट के लिए परिवार से ली थी आर्थिक सहायता, अब रियो का टिकट कटाया
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Tue, 26 Jul 2016 09:46 AM IST
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Avtar Singh
- फोटो : file photo
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रियो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में सम्मान की बात है। यह कहना अवतार सिंह का। वह रियो ओलंपिक में भारत की ओर से पुरुष वर्ग में एकमात्र जूडो खिलाड़ी के रूप में हिस्सा लेंगे। सोमवार को वह रियो के लिए रवाना हुए।
इससे पहले अवतार ने अमर उजाला को बताया कि जूडो पूरे यूरोपीय देशों में खेला जाता है। इसमें विदेशी खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर मिलेगी। वहां मेडल हासिल करने के लिए कड़ी चुनौती पेश करूंगा।
ऐसे हुआ चयन
मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले अवतार ने बताया कि रियो के लिए भारतीय दल में जगह बनाने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। वर्ल्ड क्लास जूडो के टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर उसे जीतते हुए प्वाइंट इकट्ठे किए। इससे मेरी रैंकिंग बढ़ी है। इस आधार पर देश के अन्य खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए मेरा चयन हुआ।
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इससे पहले अवतार ने अमर उजाला को बताया कि जूडो पूरे यूरोपीय देशों में खेला जाता है। इसमें विदेशी खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर मिलेगी। वहां मेडल हासिल करने के लिए कड़ी चुनौती पेश करूंगा।
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ऐसे हुआ चयन
मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले अवतार ने बताया कि रियो के लिए भारतीय दल में जगह बनाने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। वर्ल्ड क्लास जूडो के टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर उसे जीतते हुए प्वाइंट इकट्ठे किए। इससे मेरी रैंकिंग बढ़ी है। इस आधार पर देश के अन्य खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए मेरा चयन हुआ।
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जमा पूंजी से गए विदेश खेलने
Avtar Singh
- फोटो : file photo
कैंप में तकनीक, फिटनेस पर ध्यान
अवतार सिंह ने बताया कि दिल्ली में कुछ दिनों से कैंप लगा था। इसमें कोच यशपाल सोलंकी की देखरेख में फिटनेस, पावर और तकनीक पर कड़ी मेहनत की। वहीं विदेशी खिलाड़ियों की वीडियो फुटेज दिखाई गई, जिसे देख उनसे भिड़ने की रणनीति तैयार की गई।
इससे पहले 26 दिनों के लिए हंगरी कैंप के दौरान ट्रेनिंग ली। वहां पर विदेशी खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला था।
जमा पूंजी से गए विदेश खेलने
अवतार सिंह के पिता गवर्नमेंट कर्मचारी और मां हाउस वाइफ हैं। कुछ समय पहले जब उन्हें तुर्की में जूडो ग्रेंड टूर्नामेंट में हिस्सा लेना था तो पिता ने अपनी जमा पूंजी से टिकट की व्यवस्था की थी। जब रियो ओलंपिक के लिए अवतार सिंह का चयन हुआ तो परिवार में खुशी का माहौल था। उनके पिता का कहना था आज मेरा सपना पूरा हुआ है।
अवतार सिंह ने बताया कि दिल्ली में कुछ दिनों से कैंप लगा था। इसमें कोच यशपाल सोलंकी की देखरेख में फिटनेस, पावर और तकनीक पर कड़ी मेहनत की। वहीं विदेशी खिलाड़ियों की वीडियो फुटेज दिखाई गई, जिसे देख उनसे भिड़ने की रणनीति तैयार की गई।
इससे पहले 26 दिनों के लिए हंगरी कैंप के दौरान ट्रेनिंग ली। वहां पर विदेशी खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला था।
जमा पूंजी से गए विदेश खेलने
अवतार सिंह के पिता गवर्नमेंट कर्मचारी और मां हाउस वाइफ हैं। कुछ समय पहले जब उन्हें तुर्की में जूडो ग्रेंड टूर्नामेंट में हिस्सा लेना था तो पिता ने अपनी जमा पूंजी से टिकट की व्यवस्था की थी। जब रियो ओलंपिक के लिए अवतार सिंह का चयन हुआ तो परिवार में खुशी का माहौल था। उनके पिता का कहना था आज मेरा सपना पूरा हुआ है।