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Asian Games: रामकुमार-साकेत की जोड़ी ने जगाई स्वर्णिम आस, अंतिम एशियाड खेल रहे रोहन बोपन्ना का भी पदक तय
Thu, 28 Sep 2023 10:27 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हांगझोऊ
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हांगझोऊ
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 28 Sep 2023 10:27 PM IST
सार
माइनेनी और रामकुमार की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने सेमीफाइनल में कोरिया के सियोंगचान होंग और सूनवू क्वोन की जोड़ी को 6-1, 6-7, 10-0 से हराकर स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बनाई।
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रोहन बोपन्ना
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारतीय टेनिस के लिए बृहस्पतिवार का दिन अच्छा साबित हुआ जिसमें रामकुमार रामनाथन और साकेत माइनेनी ने एशियाई खेलों की पुरुष युगल वर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया जबकि रोहन बोपन्ना और रूतुजा भोसले की मिश्रित जोड़ी ने भी सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का कर लिया। माइनेनी और रामकुमार की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने सेमीफाइनल में कोरिया के सियोंगचान होंग और सूनवू क्वोन की जोड़ी को 6-1, 6-7, 10-0 से हराकर स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बनाई।
अब भारतीय टीम का सामना शुक्रवार को फाइनल में चीनी ताइपे की जोड़ी से होगा जिसने थाईलैंड को हराया। माइनेनी का यह दूसरा एशियाड पदक होगा। उन्होंने 2014 में सानिया मिर्जा के साथ मिलकर मिश्रित युगल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था, साथ ही उसी साल पुरुष युगल में रजत पदक भी जीता था। 2018 के स्क्वॉड में उन्हें शामिल नहीं किया गया था। वहीं रामकुमार के लिए यह पहला एशियाड पदक होगा। भारत ने पिछले पांच एशियाई खेलों में से चार में पुरुष युगल में स्वर्ण जीता है। रामनाथन और माइनेनी के पास इसे पांच करने का मौका होगा।
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भारत ने पिछली बार जकार्ता में भी पुरुष युगल खिताब जीता था जब रोहन बोपन्ना और दिविज शरण की जोड़ी ने फाइनल में जीत दर्ज की थी। इस बार बोपन्ना और युकी भांबरी की जोड़ी बाहर हो गई लेकिन बोपन्ना और भोसले ने मिश्रित युगल के क्वार्टरफाइनल में कजाखस्तान के झिबेक कुलाम्बाएवा और ग्रिगोरी लोमाकिन को 7-5, 6-3 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। 43 वर्षीय बोपन्ना अपने अंतिम एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहे हैं जिससे वह पदक के बिना नहीं लौटेंगे।
बोपन्ना और रुतुजा
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अब भारतीय टीम का सामना शुक्रवार को फाइनल में चीनी ताइपे की जोड़ी से होगा जिसने थाईलैंड को हराया। माइनेनी का यह दूसरा एशियाड पदक होगा। उन्होंने 2014 में सानिया मिर्जा के साथ मिलकर मिश्रित युगल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था, साथ ही उसी साल पुरुष युगल में रजत पदक भी जीता था। 2018 के स्क्वॉड में उन्हें शामिल नहीं किया गया था। वहीं रामकुमार के लिए यह पहला एशियाड पदक होगा। भारत ने पिछले पांच एशियाई खेलों में से चार में पुरुष युगल में स्वर्ण जीता है। रामनाथन और माइनेनी के पास इसे पांच करने का मौका होगा।
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भारत ने पिछली बार जकार्ता में भी पुरुष युगल खिताब जीता था जब रोहन बोपन्ना और दिविज शरण की जोड़ी ने फाइनल में जीत दर्ज की थी। इस बार बोपन्ना और युकी भांबरी की जोड़ी बाहर हो गई लेकिन बोपन्ना और भोसले ने मिश्रित युगल के क्वार्टरफाइनल में कजाखस्तान के झिबेक कुलाम्बाएवा और ग्रिगोरी लोमाकिन को 7-5, 6-3 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। 43 वर्षीय बोपन्ना अपने अंतिम एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहे हैं जिससे वह पदक के बिना नहीं लौटेंगे।
बोपन्ना और रुतुजा