एशियन गेम्स: सीमा कुमारी ने 16 साल बाद 10000 मीटर में दिलाया भारत को पदक, पीएम मोदी ने दी बधाई; जानें क्या कहा
एशियन गेम्स 2026 में सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर भारत का 16 साल का इंतजार खत्म किया। ऐतिहासिक प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमा को बधाई दी और उनकी मेहनत, अनुशासन व दृढ़ता की सराहना की।
विस्तार
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी पोस्ट के मुताबिक, नरेंद्र मोदी ने सीमा के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर गर्व है। उन्होंने सीमा को बधाई देते हुए कहा कि उनके दृढ़ प्रदर्शन से भारत को इस स्पर्धा में कई वर्षों बाद पदक मिला है। पीएम मोदी ने कहा कि यह उपलब्धि सीमा की सहनशक्ति, अनुशासन और वर्षों की कड़ी मेहनत को दर्शाती है। उन्होंने सीमा के भविष्य के लिए भी शुभकामनाएं दीं और उनके आगे भी कई सफलताएं हासिल करने की कामना की।
Proud of Seema on winning the Bronze Medal in the Women’s 10,000m at the Asian Games! Congrats to her.
— PMO India (@PMOIndia) September 24, 2026
Her determined performance has brought India a medal in this event after many years. A wonderful achievement that reflects endurance, discipline and years of hard work.…
सीमा कुमारी ने दौड़ की शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया और शुरुआती 2,000 मीटर तक बढ़त बनाए रखी। उन्होंने पहले 1,000 मीटर की दूरी 3:18.12 में पूरी की, जबकि 2,000 मीटर का समय 6:36.13 रहा। दौड़ की रफ्तार बढ़ने के साथ सीमा चौथे स्थान पर खिसक गईं, लेकिन उन्होंने अग्रणी धावकों से अपना अंतर ज्यादा नहीं बढ़ने दिया। अंतिम 1,000 मीटर में उन्होंने एक बार फिर तीसरा स्थान हासिल किया और आखिरी चरण तक इसे बनाए रखते हुए कांस्य पदक पक्का किया। सीमा स्वर्ण पदक विजेता विनफ्रेड यावी से 10.87 सेकंड पीछे रहीं। कजाकिस्तान की डेजी जेपकेमेई 33:03.21 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
10,000 मीटर में पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला
सीमा का कांस्य पदक उन्हें एशियन गेम्स की महिलाओं की 10,000 मीटर स्पर्धा में पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला बनाता है। इससे पहले प्रीजा श्रीधरन ने 2010 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि उसी संस्करण में कविता राउत ने रजत पदक अपने नाम किया था। सीमा ने 16 साल बाद इस स्पर्धा में भारत का पदक का इंतजार खत्म किया।