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Arshad Nadeem: भाला खरीदने तक के पैसे नहीं थे, गांव वाले चंदा जुटाकर टूर्नामेंट में भेजते थे, अब रंग लाई मेहनत

Fri, 09 Aug 2024 04:24 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस Published by: स्वप्निल शशांक Updated Fri, 09 Aug 2024 04:24 PM IST
सार

पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल बोर्ड जब यह तय कर रहा था कि पेरिस ओलंपिक के लिए जाने वाले सात खिलाड़ियों में से किसका खर्च वहन करना है तो उसे केवल अरशद नदीम और उनके कोच ही इस लायक लगे।

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Arshad Nadeem Struggle story no money to buy javelin, villagers donated hard work pays off Gold medal Olympics
अरशद नदीम - फोटो : Paris Olympics

विस्तार

पेरिस ओलंपिक में भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा को फाइनल में 89.45 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ दूसरे स्थान पर रहना पड़ा और रजत पदक से संतोष । इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक पाकिस्तान के अरशद नदीम ने जीता। उन्होंने 92.97 के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ स्वर्ण अपने नाम किया। नदीम ने पांच लीगल थ्रो किए, इनमें से दो प्रयास उनके 90+ मीटर के रहे। नदीम का आखिरी प्रयास 91.79 मीटर का रहा। नदीम ने पहला प्रयास में फाउल किया था। वहीं, तीसरे प्रयास में उन्होंने 88.72 मीटर थ्रो, चौथे प्रयास में 79.40 मीटर थ्रो और पांचवें प्रयास में 84.87 मीटर थ्रो किया। वहीं, नीरज के दूसरे प्रयास के अलावा बाकी सभी प्रयास फाउल रहे। 
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अरशद नदीम और नीरज चोपड़ा - फोटो : Amar Ujala
हालांकि, अरशद के लिए स्वर्ण तक का सफर आसान नहीं रहा है। उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया है। उनके निजी जीवन में भी कई कठिनाइयां रही हैं, लेकिन नदीम ने कभी हार नहीं मानी और संघर्ष करते रहे। पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल बोर्ड जब यह तय कर रहा था कि पेरिस ओलंपिक के लिए जाने वाले सात खिलाड़ियों में से किसका खर्च वहन करना है तो उसे केवल अरशद नदीम और उनके कोच ही इस लायक लगे।
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अरशद नदीम - फोटो : PTI
नदीम और उनके कोच सलमान फैयाज बट भाग्यशाली थे, जिनके हवाई टिकटों का खर्च पीएसबी (पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड) ने वहन किया। पंजाब क्षेत्र के खानेवाल गांव के इस 27 वर्षीय खिलाड़ी ने गुरुवार को भाला फेंक में नए ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीत कर उन पर दिखाए गए भरोसे को सही ठहराया। छह फुट तीन इंच लंबे नदीम ने गुरुवार की रात 92.97 मीटर भाला फेंक कर ओलंपिक का नया रिकॉर्ड बनाने के साथ स्वर्ण पदक जीता। नदीम ने 16 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। भारत के नीरज चोपड़ा ने भी इस सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 89.45 मीटर की दूरी नापकर रजत पदक हासिल किया। यह 11 मुकाबलों में पहला अवसर है जब नदीम ने नीरज को पीछे छोड़ा है।
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अरशद नदीम-नीरज चोपड़ा - फोटो : PTI
चोपड़ा अपने करियर में अभी तक 90 मीटर भाला नहीं फेंक पाए हैं, जबकि नदीम पहले भी यह कारनामा कर चुके हैं। चोपड़ा के पास जहां हर तरह की सुविधा उपलब्ध हैं, वहीं नदीम ने ऐसा समय भी देखा था जब उनके पास अपने लिए भाला खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे। नदीम के पिता मोहम्मद अशरफ बताते हैं कि "लोग नहीं जानते हैं कि अरशद इस मुकाम तक कैसे पहुंचा। उसके दोस्त, गांव के लोग और रिश्तेदार उसके लिए चंदा जुटाते थे ताकि वह अभ्यास और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए दूसरे शहरों की यात्रा कर सके।'

पाकिस्तान ने कुल सात खिलाड़ियों को पेरिस भेजा और उनमें से छह अपनी-अपनी स्पर्धाओं के फाइनल के लिए क्वालिफाई करने में असफल रहे। नदीम के फाइनल के लिए क्वालिफाई करने के बाद से ही उनके घर में जश्न मनाया जाने लगा था तथा उनके माता-पिता गांव वालों में मिठाई बांटने लग गए थे। नदीम पिछले कुछ समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक और राष्ट्रमंडल खेल 2022 में 90.18 मीटर थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता था।

स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी नदीम की उपलब्धि

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अरशद नदीम-नीरज चोपड़ा - फोटो : PTI
अपने करियर में कोहनी, घुटने और पीठ की समस्याओं से जूझने और दूसरे देश के खिलाड़ियों की तरह सुविधाएं नहीं होने के बावजूद नदीम ने जो कारनामा किया उसे पाकिस्तान के खेल इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। नदीम ने 32 साल बाद पाकिस्तान को पदक दिलाया है। इससे पिछला पदक पाकिस्तान ने साल 1992 में बार्सिलोना में हुए ओलंपिक में जीता था। तब पाकिस्तानी पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया था। पाकिस्तान को ओलंपिक में मिला यह चौथा स्वर्ण है। हालांकि, व्यक्तिगत स्पर्धा में नदीम पाकिस्तान के लिए स्वर्ण जीतने वाले पहले एथलीट हैं। इससे पहले 1960 रोम ओलंपिक, 1968 मेक्सिको ओलंपिक और 1984 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में पुरुष हॉकी टीम ने स्वर्ण जीता था। वहीं, व्यक्तिगत स्पर्धा में 1960 रोम ओलंपिक में कुश्ती में कांस्य और 1988 सियोल ओलंपिक में हुसैन शाह ने मुक्केबाजी में कांस्य जीता था। पाकिस्तान का यह ओलंपिक में कुल 11वां पदक है।
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