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तो फॉर्मूला वन की रेस से बाहर हो जाएगा भारत
बुडापेस्ट
Updated Tue, 30 Jul 2013 01:43 PM IST
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भारत से साल 2014 में होने वाली फॉर्मूला वन रेस की मेजबानी छिन सकती है।
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फॉर्मूला वन प्रमुख बर्नी एक्लेस्टोन ने कहा है कि भारत में राजनीतिक बाधाओं के कारण रेस आयोजित करना बड़ी समस्या है, जिसकी वजह से वर्ष 2014 में इंडियन ग्रां प्री को एफ-वन कैलेंडर से बाहर किया जा सकता है।
बुडापेस्ट में आयोजित हंगेरियन ग्रां प्री के दौरान एक्लेस्टोन ने कहा, ‘हो सकता है कि अगले वर्ष से इंडियन ग्रांड प्रीक्स न कराई जाए क्योंकि वहां पर राजनीति इतनी अधिक है कि रेस का आयोजन करना दु:स्वप्न जैसा हो जाता है।'
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ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में वर्ष 2011 के बाद से दो बार एफ-वन रेसों का आयोजन किया गया है। इन दोनों ही रेसों को रेड बुल के सेबेस्टियन वेटल ने जीता है।
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शुरुआत में यहां आयोजित रेसों को लेकर काफी सकारात्मक रवैया देखने को मिला जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट की काफी प्रशंसा की गई।
रूस के सोच्ची और ऑस्ट्रिया में अगले वर्ष रेस कराने को लेकर भी काफी होड़ है। ऐसे में भारत का पत्ता कटने के आसार काफी प्रबल माने जा रहे हैं।
इस बीच एक्लेस्टोन इंटरनेशनल ऑटोमोबाइल फेडरेशन के साथ एफ-वन कैलेंडर की समीक्षा करने की योजना बना रहे हैं। कैलेंडर में वर्तमान में 22 रेस लाइन में हैं जबकि टीमें अधिकतम 20 रेस कराने के हक में हैं।
सोबेर की भारतीय मूल की टीम प्रिंसिपल मोनिशा काल्टेनबोन ने कहा, ‘भारत फॉर्मूला वन के लिए बहुत अहम है और अगर इस मामले को नहीं सुलझाया जाता है तो यह बहुत दुखद होगा।'