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सपने में आपने क्या देखा अब यूं जान लेंगे आपके बॉस

Mon, 27 Jan 2014 10:33 AM IST
Updated Mon, 27 Jan 2014 10:33 AM IST
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सपनों में देखी गई कई चीजों को लोग पूर्वाभास से जोड़ते हैं। कुछ मामलों में यह बाते सहीं भी होती हैं। पर हमेशा नहीं। अभी तक सपनों की व्याख्या करने के लिए अंतर्दृष्टि से काम लिया जाता था।

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इस मामले में कई अधकचरे महत्वाकांक्षी लोग भी अपनी तुकबंदी भिड़ाया करते थे। पर अब विज्ञान भी इस दिशा में सक्रिया हुआ है और एमआरआई स्क्रीन के जरिए सपनों की पड़ताल शुरु कर चुके हैं और उनकी एक नटखट सलाह है कि बॉस से अपने अपमान का बदला सपने में लेने की सोच रहे हैं तो संभल जाइए।
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जापान में वैज्ञानिकों ने सपनों को पढ़ने का तरीका खोज निकाला है। ‘साइंस’ जनरल में छपी रिपोर्ट के अनुसार जापान में शोधकर्ताओं ने एमआरआई स्कैन से नींद की शुरुआती अवस्था में देखी गई चीज़ों का अनुमान लगाया है।

रिपोर्ट के अनुसार ये अनुमान साठ प्रतिशत तक सही बैठे हैं। अब शोधकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या नींद के दौरान महसूस की गई या भावनाओं का भी अनुमान लगाया जा सकता है।

क्योटो में स्थित एटीआर कम्प्यूटेशनल न्यूरोसाइंस लैबोरेट्री के प्रोफ़ेसर युकियासु कामितानि कहते हैं कि मुझे पक्का यकीन है कि सपनों की व्याख्या की जा सकती है, कम से कम इसके कुछ भागों की तो निश्चित ही। शोधकर्ताओं के दल ने तीन लोगों के सोते वक्त एमआरआई स्कैन से उन पर नज़र रखी।
 
जैसे ही इन लोगों को स्कैनर के अंदर नींद आई, उन्हें उठा दिया गया और याद करने को कहा गया कि उन्होंने क्या देखा था। हर तस्वीर को, चाहे वह कोई मूर्ति हो या कार या बर्फ के टुकड़े या फिर कोई और अजीब लगने वाली चीज, सभी को नोट कर लिया गया।


एटीआर कम्प्यूटेशनल न्यूरोसाइंस लैबोरेट्री के प्रो युकियासु कामितानि ने लोगों के देखे सपनों का फिर से स्कैन किया लेकिन इस बार जागते हुए। और तब जब वह कंप्यूटर पर तस्वीरें देख रहे थे, उन्हें संबंधित तस्वीर के साथ दिमाग की वैसी ही हलचल देखने को मिली।

इन बातों का व्यक्ति के आंतरिक जीवन से सीधा संबंध देखा गया है। प्रो. कामातिनि का कहना है कि भारत के योगशास्त्रों और उपनिषदों में आए वर्णनों के अनुसार सपने व्यक्ति के आंतरिक जगत की सही परिभाषा करते हैं।

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