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पूजा-पाठ के नियम: पूजा करते समय इन नियमों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

Mon, 11 May 2020 01:59 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 11 May 2020 01:59 PM IST
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worship tips how to pray god puja path ke niyam in hindi
पूजा घर का स्थान हमेशा ईशान कोण में बना हुआ होना चाहिए
हिंदू धर्म में पूजा-पाठ करना एक जरूरी प्रक्रिया मानी गई है। पूजन करने की परंपरा काफी पुराने समय से चलती आ रही है। पूजा करने से घर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक रहता है। पूजा-पाठ से जहां व्यक्ति को आत्मीय सुख और शांति प्राप्ति होती है वहीं इससे भगवान का आशीर्वाद भी मिलता है। शास्त्रों में पूजा पाठ करने के कई तरह के नियम बताए गए हैं, जिसका अनुसारण करने पर जीवन सफल और शांति पूर्वक बीतता है। पूजा में भगवान के सामने दीपक कैसे जलाए, पूजा घर में शंख का स्थान कहां पर होना चाहिए और देवी देवताओं की मूर्ति कैसी रखनी चाहिए आदि आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे।
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पूजा घर कैसे होना चाहिए
पूजा घर हमेशा घर के ईशान कोण में ही रखना उचित होता है। पूजा घर में किसी एक देवी-देवताओं की मूर्तियां एक से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। पूजा घर में काम में आने सभी चीजों को जैसे शंख, घंटी, प्रसाद के बर्तन, दीपक, शिवलिंग, जनेऊ और भगवान शालिग्राम को साफ-सुथरे कपड़े के ऊपर रखना चाहिए। ऐसे नहीं करने से हर रोज पूजा करने के बाद भी उसका उचित फल नहीं मिल पाता।
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संकल्प और दान को जल्द से पूरा कर लेना चाहिए
अगर आप किसी खास प्रयोजन के लिए कोई पूजा करते हैं तो उसमें लिए संकल्प को पूरा करने में ज्यादा समय नहीं लगाना चाहिए। अगर आपने कहीं किसी को दान करने का संकल्प लिया है तो उसे जितनी जल्दी से पूरा करना हो कर लेना चाहिए। संकल्प को पूरा करने में देरी से पूजा का पूरा लाभ नहीं मिलता।
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पवित्रता का रखें ध्यान
घर में प्रवेश करने से पहले मुख्य द्वार के बाहर अपने दोनों हाथों और पैरों को पानी से साफ कर लेना चाहिए ताकि घर में नकारात्मक ऊर्जा अंदर प्रवेश न कर सके।

अनादर करने से बचें
अपने से बड़े लोगों, गुरुओं और देवी देवताओं का अनादर नहीं करना चाहिए।

तिथियों पर खास ध्यान देना चाहिए
हिंदू धर्म में अमावस्या, पूर्णिमा, चतुर्दशी और अष्टमी तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन पूजा-पाठ, उपवास और संयम का विशेष स्थान होता है। ऐसे में इस तिथियों पर मांसाहर का सेवन करने से बचना चाहिए। 


पूजा-पाठ करने के अन्य खास नियम-

- पूजा घर का स्थान हमेशा ईशान कोण में बना हुआ होना चाहिए क्योंकि ईशान कोण में ही देवी-देवताओं का वास होता है।

- पूजा घर में देवी-देवताओं की मूर्तियां या तस्वीरें ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

- पूजन करते समय मुंह उत्तर या पूर्व की दिशा में होना चाहिए।

- नहाने से पहले ही भगवान को चढ़ाने के लिए फूल को तोड़ लेना चाहिए। नहाने के बाद फूल तोड़ने पर फूल स्वयं को चढ़ाया हुआ माना जाता है ऐसा शास्त्रों में कहा गया है।

- पूजन में भगवान को तिलक सिंदूर, चंदन, कुमकुम और हल्दी को अनामिका उंगली (छोटी उंगली के पास वाली उंगली ) से लगाना चाहिए।

- गंगाजल, तुलसीदल, बिल्वपत्र और कमल के फूल को कभी भी बासी नहीं माना जाता।

- भगवान श्रीगणेश और भगवान शिव की पूजा में तुलसी के पत्ते नहीं रखना चाहिए।

-पूजा में भगवान के समाने दीपक जरूर जलाना चाहिए।

- पूजा खत्म होने के बाद भगवान से अपनी भूल के लिए उनके समक्ष क्षमा याचना जरूर कर लेनी चाहिए।
 
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