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Happy New Year 2020: नए साल 2020 के लिए पांच संकल्प

Tue, 31 Dec 2019 07:48 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन, वास्तुविद
अनीता जैन, वास्तुविद Published by: विनोद शुक्ला Updated Tue, 31 Dec 2019 07:48 AM IST
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Happy New Year 2020 Sankalp 2020
संकल्प 2020

दिनचर्या में थोड़ा-सा व आसान परिवर्तन आपको स्वस्थ व दीर्घायु बना सकता है। बशर्ते आप नए साल में आप कुछ चीजों को अपना लें और कुछ चीजों को हमेशा के लिए दूर कर दें।

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  • संकल्प  2020 - देव आराधना के साथ करें दिन की शुरुआत

यदि आप देर से जागते हैं तो नए साल में अपनी इस बुरी आदत को बदल लीजिए। प्रतिदिन प्रातः सूर्योदय से पूर्व उठकर दो या तीन कि.मी. घूमने जाएं। सुबह आठ बजे से पहले स्नान कर सूर्य आराधना से दिन का आरंभ करें। ऐसा करने से आपके अंदर एक शक्ति जागृत होगी जो दिल-दिमाग को ताजगी देगी और आप अपने सभी कार्यों को सही ढंग से एवं समय पर कर पाएंगे।नियमित रूप से अपने आराध्य देव के दर्शन हेतु समय अवश्य निकालें। आप चाहे किसी भी धर्म के अनुयायी हों, अपनी धर्म पद्धति के अनुसार ईश्वर की प्रार्थना अवश्य करें।आपकी उम्र कुछ भी हो,रोजाना व्यायाम,योग या तेज चहलकदमी के लिए 30 मिनट का समय निकालिए । समय और क्या व्यायाम करना है वह आप अपनी रूचि के अनुसार चुन सकते हैं।

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  • संकल्प  2020 - घर का बना भोजन करने की कोशिश करें

इस साल संकल्प लें कि जहां तक हो सके घर का बना हुआ ही भोजन खाएं, इससे आपके बीमार होने की आशंका बहुत कम हो जाएगी वहीं बाहर के खाने पर जो पैसा बचेगा,उसे सूखे मेवे और फल खाने में खर्च करें। शाकाहार भोजन स्वास्थ्यवर्धक होता है अतः शाकाहार भोजन से ही स्वास्थ्य बनाने का प्रयास करें। भोजन हमेशा खूब चबा-चबाकर आनंदपूर्वक करें ताकि पाचनक्रिया ठीक रहे, इससे कोई भी समस्या उत्पन्न ही नहीं होगी। मोटापा आने का मुख्य कारण तैलीय व मीठे पदार्थ होते हैं। इससे चर्बी बढ़ती है, शरीर में आलस्य एवं सुस्ती आती है। इन पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में ही करें। गरिष्ठ-भारी भोजन या हजम न होने वाले भोजन का त्याग करें। यदि ऐसा करना भी पड़े तो एक समय उपवास कर उसका संतुलन बनाएं।सलाद के रूप में हमें गाजर,मूली,टमाटर,खीरा,चुकंदर,प्याज को जरूर शामिल करना चाहिए । सब्जियों को थोड़ा कम पकाएं ताकि उनके पोषक तत्व नष्ट न हों ।

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  • संकल्प  2020- पर्यावरण का ध्यान रखने का लें संकल्प

वाहन के प्रति मोह कम कर उसका प्रयोग कम करने की आदत डालें। जहां तक हो कम दूरी के लिए पैदल जाएं। इससे मांसपेशियों का व्यायाम होगा, जिससे आप निरोगी रहकर आकर्षक बने रहेंगे, साथ ही पर्यावरण की रक्षा में भी सहायक होंगे। सप्ताह में एक बार अपने वाहन का प्रयोग न करें इसकी जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें,ट्रैफिक कम होगा।इस साल कम से कम पांच पेड़ लगाने का प्रण लें साथ ही पॉलिथीन का  प्रयोग नहीं करने का भी संकल्प लें।  

  • संकल्प  2020 - सकारात्मक रवैया रखें

कहावत है कि किताबें इंसान की सबसे अच्छी मित्र होती हैं क्योंकि उनसे अर्जित ज्ञान कभी भी व्यर्थ नहीं जाता।किताबें ज्ञान का अकूत भंडार होती हैं ये व्यक्ति को रचनाशील एवं संवेदनशील बनाती हैं जिसके कारण हमारी सोचने-समझने की शक्ति बढ़ जाती है,बौद्धिक क्षमता तेज होती है और हमारे अंदर लोगों के प्रति सहानभूति का विकास होता है।इससे हमारा समाज सेवा के प्रति रुझान तो बढ़ता ही है साथ ही हम अपने आस-पास के लोगों के प्रति सकारात्मक हो जाते हैं।दरअसल रीडिंग करने से हमारा सोचने का दायरा बढ़ता है और हमें दूसरों के अनुसार चीज़ों को समझने का मौका मिलता है,नतीजन हमारे रिश्ते और मज़बूत होते हैं। तो नए साल में अपनी रूचि के अनुसार किताबों से दोस्ती कर लें।

  • संकल्प 2020- गुस्सा छोड़े 

क्रोध आना हर एक मनुष्य की स्वाभाविक वृत्ति है , लेकिन क्रोध कभी -कभी हमारे दिलो -दिमाग पर इतना हावी हो जाता है कि लेने के देने पड़ जाते  हैं और हम अपना ही नुकसान कर बैठते हैं । सच्चाई तो यह है कि गुस्से से किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता है ,उल्टे बनी-बनाई बात और बिगड़ जाती है ।हांलाकि क्रोध महज क्षणिक होता है लेकिन उसकी वजह से जो परिणाम होते हैं बहुत ही घातक होते हैं । 

अधिकांश तौर पर देखा जाता है कि जो लोग बात-बात पर गुस्सा करते हैं उनकी घर -परिवार , ऑफिस में अपने सहकर्मियों से ज्यादा नहीं बनती है  क्योंकि गुस्सा उनकी नाक पर होता है और ऐसे लोग बात-बात पर भड़क उठते हैं । जब उनके  मनचाहा काम नहीं होता है या विपरीत परिस्थितियां सामने आती हैं ।क्रोध की अग्नि शरीर पर बेहद बुरा असर डालती है । ह्रदय की धड़कन बढ़ जाने 

से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है , सांसों कि गति भी असामान्य हो जाती है । ज्यादा पसीना ,अल्सर  और अपच जैसी शिकायतें भी गुस्से की वजह से पनप सकती हैं । क्रोध स्वास्थ्य का सबसे बड़ा दुश्मन है , क्रोध पर कैसे नियंत्रण रखा जाए , यह हमें सीखना होगा ।गुस्सा कितना भी आप पर हावी क्यों न हो ,भूलकर भी तोड़ -फोड़ या मारपीट  न करें नहीं तोऐसा करने से आप अच्छी -खासी मुश्किल में पड़ जाएंगे साथ ही आपकी गरिमा वहां मौजूद लोगों के सामने  धूमिल  हो जाएगी । गुस्से के दौरान कई बार ऐसे अपशब्द निकल जाते हैं जो सामने वाले व्यक्ति की भावनाओं को आहत  करते हैं , बाद में आप स्वयं भी पछताते हैं इसलिए जरूरी है जो भी बोलें सोच-समझकर बोले ।

  • संकल्प  2020-  ये भी अपनाने की कोशिश करें-

 - दिमाग में सुस्ती नहीं आने दें, कार्य को तत्परता से करने की चाहत रखें।
- घर के कार्यों को स्वयं करें, यह कार्य अनेक व्यायाम का फल देते हैं।
- व्यस्तता एक वरदान है, यह दीर्घायु होने की मुफ्त दवा है, स्वयं को व्यस्त रखें।
- अपने जीवन में लक्ष्य, उद्देश्य और कार्य के प्रति समर्पण का भाव रखें।
- मन एवं वाणी की चंचलता से अनेक अवसरों पर अपमानित होना पड़ सकता है। अतः वाणी में संयम रखकर दूसरों से स्नेह प्राप्त करें, घृणा नहीं।दूसरों की सहायता करने के लिए तत्पर रहें। 

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