Shardiya Navratri: सीने पर 111 कलश स्थापित कर मां दुर्गा की आराधना, भक्त ने कहा- माता का दर्शन ही उद्देश्य
Bihar News: परदेस में रहकर प्राइवेट काम करने वाले सुरेंद्र चौपाल के इस अद्भुत हठ की चर्चा इलाके में चारों तरफ हो रही है। लोग इस बात को सुनते ही इस पूजा पंडाल में चले आते हैं।
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दरभंगा में शारदीय नवतरात्र के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जा रही है। नवरात्र में हठ करने भक्तों में एक भक्त ऐसा जिसने अपने सिने पर एक दो कलश नही कुल 111 कलश अपने सीने पर रखकर माता की आराधना में लीन हो गया है। इस माता के भक्त को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। परदेस में रहकर प्राइवेट काम करने वाले सुरेंद्र चौपाल के इस अद्भुत हठ की चर्चा इलाके में चारों तरफ हो रही है। लोग इस बात को सुनते ही इस पूजा पंडाल में चले आते हैं।
111 कलश की स्थापना अपने सीने पर कर रखी है
बता दें कि यह भक्त जिले के घनश्यामपुर प्रखंड के लगमा गांव में बनाये पूजा पंडाल में माता तारा की पूजा की जाती है। इसी पूजा पंडाल में एक साधारण परिवार से आने वाले भक्त सुरेंद्र चौपाल माता के दर्शन की जिद ठानकर उसने 111 कलश की स्थापना अपने सीने पर कर रखी है। उसकी सेवा पूजा कमिटी सहित इलाके लोग दिन रात लगे हुए हैं। बताया जाता कि इस भक्त ने पिछले वर्ष भी अपने सीने पर 11 कलश की स्थापना की थी। लेकिन, भक्त सुरेंद्र चौपाल ने इस वर्ष 111 कलश को अपने सीना पर स्थापित कर मां के दर्शन की जिद को ठान लिया है।
परदेस में रहकर प्राइवेट नौकरी किया करता है
भक्त सुरेंद्र चौपाल ने बताया कि परदेस में रहकर प्राइवेट नौकरी किया करता है लेकिन शारदीय नवरात्र में अपने घर चला आता है वह पिछले वर्ष भी अपने गांव के इसी पूजा पंडाल में 11 कलश को अपने सीने पर स्थापित किया था। इस वर्ष मैंने अपने सीने पर 111 कलश की स्थापना की है। उसने कलश स्थापित करने के उद्देश्य बताया कि उसका एक ही मकसद है उसे एक बार माता के दर्शन हो जाय इसी जिद को लेकर उसने 111 कलश की स्थापना की है।
दिन-रात लोग इस भक्त की सेवा में लगे हुए हैं
समाजसेवी पप्पू सिंह ने कहा कि गांव के एक साधारण माता के भक्त धनेश्वर चौपाल के पुत्र सुरेंद्र चौपाल ने मां तारा ले दरबार मे अपने सीने पर 111 कलश स्थापित कर उसने बहुत बड़ा काम किया है। इसका पूजा कमिटी से गांव के लोग पूरा ख्याल रख रहे हैं। दिन-रात लोग इस भक्त की सेवा में लगे हुए हैं। इलाके ही दूर-दूर जिनलोगों को जानकारी मिल रही, वह लोग इस पूजा पंडाल में एक बार जरूर इस भक्त का दर्शन करने आ रहे हैं।
माता के दर्शन की जिद ठान ली
भक्ति में लीन सुरेंद्र चौपाल के पिता धनेश्वर चौपाल ने कहा कि उनके बेटे ने जिद ठान ली है कि माता के दर्शन करके ही रहेगा उसे ऐसा करने काफी भक्ति की अनुभूति होती है। इस कारण प्रतिवर्ष परदेस में नौकरी से छुट्टी लेकर नवरात्र के दिनों में वह माता की भक्ति करने लगता है। पिछले वर्ष नवरात्र में उसने 11 कलश की स्थापना किया और इस वर्ष 111 कलश को स्थापित किया है।