Navratri Spl: डर से मुक्ति दिलाएगी मां कालरात्रि की विशेष पूजा
मां दुर्गा की सातवीं शक्ति देवी कालरात्रि का स्वरूप देखने में भले ही थोड़ा डरावना हो, लेकिन वे हमेशा अच्छे फल देने वाली ही होती हैं। इसीलिए इनको शुभंकारी नाम से भी जाना जाता है। मां कालरात्रि दुष्टों का संहार करती हैं।
माना जाता है कि इनको याद करने मात्र से ही बुरी शक्तियां दूर चली जाताी हैं। साथ ही ग्रह की बाधाओं को भी दूर करती हैं। मां दुर्गा की सातवीं शक्ति का अपने मन में स्मरण करके उपासना करनी चाहिए। पूरे नियम और संयम के साथ पालना करनी चाहिए।
ऐसे करें मां कालरात्रि की पूजा
नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करने से पहले नवग्रह आदि की पूजा करनी चाहिए। नवरात्र का सातवां दिन काफी अहम होता है। कहा जाता है कि इस दिन के भक्तों के लिए मां का दरवाजा खुल जाता है। मां कालरात्रि की पूजा करने से पहले स्थापित कलश की और उसमें मौजूद सभी देवी देवताओं की पूजा करें। इसके बाद भी मां कालरात्रि की पूजा करना सही माना गया है। हालांकि इस दिन की पूजा बाकी दिनों की ही तरह होती है, लेकिन रात में विशेष पूजा भी होती हैं। कुछ एक जगह पर इस दिन तांत्रिक विधि से पूजा करते समय देवी को मदिरा भी अर्पित की जाती है।