फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   why we offer oil to shani dev know story behind

Shani Dev: शनिदेव को क्यों चढ़ाया जाता है तेल ? जानिए रोचक पौराणिक कथाएं

Sat, 17 Feb 2024 11:22 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sat, 17 Feb 2024 11:22 AM IST
सार

ज्योतिषशास्त्र में इनको न्यायाधीश का स्थान मिला हुआ है। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए उन्हें तेल चढ़ाया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि शनिदेव  को तेल क्यों चढ़ाया जाता है।

विज्ञापन
why we offer oil to shani dev know story behind
शनिवार के दिन शनि मंदिर में जाकर सरसों या तिल का तेल और काले तिल चढ़ाने से आपको शनि की कृपा मिलती है।

विस्तार

Shani Dev: ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार शनि को कर्म फलदाता कहा जाता है। शनि व्यक्ति के कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। ज्योतिषशास्त्र में इनको न्यायाधीश का स्थान मिला हुआ है। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए उन्हें तेल चढ़ाया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि शनिदेव  को तेल क्यों चढ़ाया जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार माना जाता है कि शनिदेव को तेल चढ़ाने से ये अपने भक्तों की पीड़ा हर लेते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते है। साथ ही यह भी कहा जाता है कि अगर आापको साढ़ेसाती या ढैय्या लगी हो तो हर शनिवार के दिन शनि मंदिर में जाकर सरसों या तिल का तेल और काले तिल चढ़ाने से आपको शनि की कृपा मिलती है।

विज्ञापन


कथा-1
पौराणिक कथाओं के अनुसार कहा जाता है कि रावण ने अपने बल से सभी ग्रहों को बंदी बना रखा था। शनिदेव को रावण ने अपने अहंकार में चूर होकर बंदीग्रह में उलटा लटका दिया था। उसी समय हनुमानजी माता सीता की खोज में प्रभु श्री राम के दूत बनकर लंका गए हुए थे। रावण ने जब हनुमाजी की पूंछ में आग लगाई थी तब हनुमानजी ने पूरी लंका जला दी थी। संपूर्ण लंका के जलने से सारे ग्रह आजाद हो गए परंतु शनिदेव उलटे लटके हुए थे जिस कारण शनि देव आजाद नहीं हो पाए और उल्टा लटके होने के कारण उनके शरीर में बहुत पीड़ा हो रही थी और वह दर्द से परेशान हो रहे थे। शनि की इस पीड़ा को शांत करने के लिए हुनमानजी ने उनके शरीर पर तेल से मालिश की और शनि को दर्द से मुक्त किया था। तब शनि देव ने कहा जो भी व्यक्ति श्रद्धा भक्ति से मुझ पर तेल चढ़ाएगा उसे सारी समस्याओं से मुक्ति मिल जाएगी। तभी से शनिदेव पर तेल चढ़ाने की परंपरा प्रारंभ हुई।
विज्ञापन


Pradosh Vrat 2024: कब है फरवरी माह का दूसरा प्रदोष व्रत? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व
विज्ञापन
विज्ञापन


कथा-2
कथा के अनुसार रामायण काल में एक बार शनि देव को अपने बल और पराक्रम पर घमंड हो गया था। जब शनिदेव को हनुमानजी  के पराक्रम का पता चला तो वह बजरंगबली से युद्ध करने के लिए निकल पड़े। जब शनिदेव  हनुमानजी  के पास पहुंचे तो देखा कि हनुमानजी नेत्र बंद किए हुए शांत चित्त से एक शांत स्थान पर बैठकर अपने स्वामी श्रीराम की भक्ति में लीन बैठे है।लेकिन फिर भी अपने पराक्रम के मद में चूर शनिदेव ने उन्हें देखते ही युद्ध के लिेए ललकारा। जब पवनपुत्र हनुमानजी  ने शनिदेव की युद्ध की ललकार सुनी तो वह शनि देव को समझाने लगे कि यह सही नही है,में अपने प्रभु श्रीरामजी का ध्यान कर रहा हूँ । लेकिन शनिदेव ने एक बात न मानी और युद्ध के लिए अड़ गए। इसके बाद मारुतिनंदन शनिदेव के साथ युद्ध के लिए तैयार हो गए।
Chanakya Niti: ऐसे घर में स्वयं चली आती हैं मां लक्ष्मी, कभी नहीं होती धन की कमी

अंत में पवनपुत्र ने शनिदेव को अपनी पूँछ में लपेट कर पत्थरों से पटक-पटक कर मारा,जिससे वह बुरी तरह परास्त होकर घायल हो गए। शनिदेव ने दर्द से कराहते हुए हनुमानजी से माफ़ी मांगी और उनको आश्वासन दिया कि वह श्रीरामजी एवं हनुमानजी के भक्तों को कभी तंग नहीं करेंगे।श्रीराम और हनुमानजी की पूजा आराधना करने वाले भक्तों पर अपनी कृपा दृष्टि रखेंगे ।इसके बाद बजरंगबली ने शनिदेव को तेल लगाने को दिया जिससे उनका पूरा दर्द गायब हो गया। इसी कारण शनिदेव ने कहा जो भी मनुष्य मुझे सच्चे मन से तेल चढ़ाएगा में उसकी सभी पीड़ाओं का निवारण कर समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करूँगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed