Vinayaka Chaturthi 2023: विनायक चतुर्थी आज, जानें पूजा मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व
Vinayaka Chaturthi 2023: प्रत्येक माह की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन विधि विधान से भगवान गणेश की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से ज्ञान और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
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Vinayaka Chaturthi 2023: प्रत्येक माह की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन विधि विधान से भगवान गणेश की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से ज्ञान और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। गणेश जी सभी देवताओं में प्रथम पूज्य हैं और शुभता के भी प्रतीक हैं। मान्यता है कि गणेश चतुर्थी का व्रत करने से जातकों के समस्त प्रकार के विघ्न, संकट मिट जाते हैं। गणपति महाराज शुभता, बुद्धि, सुख-समृद्धि के देवता माना जाता है। कहा जाता है कि जहां भगवान गणेश का वास होता है वहां पर रिद्धि सिद्धि और शुभ लाभ भी विराजते हैं। इनकी पूजा से आरंभ किए गए किसी कार्य में बाधा नहीं आती है, इसलिए गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा जाता है। विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश का विधि-विधान के साथ पूजन करने एवं कथा का सुनने से घर में सौभाग्य और सुख में वृद्धि होती है। ऐसे में चलिए जानते हैं विनायक की पूजा विधि के बारे में...
विनायक चतुर्थी 2023 व्रत तिथि
- फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत- 23 फरवरी 2023, रात्रि 01 बजकर 54 मिनट से
- फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का समापन- 24 फरवरी 2023, मध्यरात्रि 12 बजकर 03 मिनट पर
- विनायक चतुर्थी व्रत तिथि- 23 फरवरी 2023, दिन गुरुवार
विनायक चतुर्थी पूजा विधि
- विनायक चतुर्थी के दिन सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करें।
- स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
- भगवान गणेश को स्नान कराएं। स्नान के बाद भगवान गणेश को साफ वस्त्र पहनाएं।
- भगवान गणेश को सिंदूर का तिलक लगाएं।
- गणेश भगवान को दूर्वा अति प्रिय होता है। भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करना चाहिए।
- गणेश जी को लड्डू, मोदक का भोग लगाएं। गणेश जी की आरती करें।
विनायक चतुर्थी का महत्व
हिंदू धर्म में विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व होता है। इस दिन गणेश जी की पूजा करने से सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। भगवान गणेश की पूजा करने से कार्यों में किसी भी तरह की कोई रुकावट नहीं आती है।