हर महीने में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर विनायक चतुर्थी मनाई जाती है। इस पावन दिन विधि- विधान से गणेश जी की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गणेश जी की पूजा करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। भगवान गणेश प्रथम पूजनीय देव हैं। किसी भी शुभ कार्य से पहले गणेश भगवान की पूजा का विधान है। आइए आज जानते हैं विनायक चतुर्थी के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं....
Vinayak Chaturthi 26 May 2020: विनायक चतुर्थी के दिन क्या करें और क्या नहीं
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भगवान गणेश को दुर्वा अर्पित करें
- विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें दुर्वा अर्पित करें। भगवान गणेश को दुर्वा अतिप्रिय होता है। आप नित्य भी गणेश भगवान को दुर्वा अर्पित कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दुर्वा अर्पित करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं।
भगवान गणेश को लाल सिंदूर लगाएं
- भगवान गणेश को लाल सिंदूर का तिलक लगाएं। लाल सिंदूर का तिलक लगाने से गणेश भगवान प्रसन्न होते हैं। अपने माथे पर भी सिंदूर का तिलक लगाएं। आप नित्य भी भगवान गणेश को सिंदूर का तिलक लगा सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश को सिंदूर लगाने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
भगवान गणेश को पुष्प अर्पित करें
- भगवान गणेश को पुष्प अर्पित करने चाहिए। ऐसा करने से भगवान गणेश का आशीर्वीद प्राप्त होता है। अगर संभव हो तो गणेश भगवान को लाल पुष्प अर्पित करें।
भगवान गणेश को भोग लगाएं
- भगवान गणेश को मोदक, लड्डू पसंद होते हैं। गणेश जी को मोदक, लड्डू का भोग लगाएं। आप अपनी इच्छानुसार भी भगवान गणेश को भोग लगा सकते हैं। अगर संभव हो तो विनायक चतुर्थी के दिन भोग में कुछ मीठा अवश्य बनाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक भोजन का ही भोग लगाया जाता है।
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