{"_id":"67f0b1cc7371079b5b0ba3f7","slug":"vastu-tips-if-you-have-a-habit-of-washing-clothes-daily-then-be-careful-poverty-can-come-to-your-house-2025-04-05","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Vastu Tips: रोजाना कपड़े धोने की है आदत तो हो जाएं सावधान, घर में आ सकती है दरिद्रता, जानें क्या है सही दिन","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
Vastu Tips: रोजाना कपड़े धोने की है आदत तो हो जाएं सावधान, घर में आ सकती है दरिद्रता, जानें क्या है सही दिन
Sat, 05 Apr 2025 10:01 AM IST
दीक्षा पाठक
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Sat, 05 Apr 2025 10:01 AM IST
सार
Vastu Tips For Washing Clothes: कहा जाता है कि सही काम को भी अगर गलत समय पर किया जाए तो वह गलत की ही श्रेणी में आता है और यह आपके रोजमर्रा के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस दिन कपड़े धोने से आप दरिद्रता और नकारात्मक प्रभाव से बच सकते हैं।
विज्ञापन
इन दिनों नहीं धोने चाहिए कपड़े
- फोटो : freepik.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जब भी सप्ताह का अंतिम दिन आता है, भारतीय महिलाएं साफ-सफाई से लेकर कपड़े धोने तक के सारे काम करती हैं। हालांकि, कई महिलाओं की आदत रोजाना कपड़े धोने की भी होती है, वह हर दूसरे दिन गंदे कपड़े को निकालकर उसे साफ करने में जुट जाती हैं। घर में और कपड़ों में साफ-सफाई रखना बेहद जरूरी है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी वॉशिंग मशीन की बीप-बीप किसे बुला रही है, साफ-सफाई या दरिद्रता? कहा जाता है कि सही काम को भी अगर गलत समय पर किया जाए तो वह गलत की ही श्रेणी में आता है और यह आपके रोजमर्रा के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस दिन कपड़े धोने से आप दरिद्रता और नकारात्मक प्रभाव से बच सकते हैं।
कौन से दिन नहीं धोने चाहिए कपड़े?
शनिदेव को कर्म और न्याय का देवता माना जाता है। कहते हैं कि शनिवार को कपड़े नहीं धोने चाहिए, नहीं तो शनि देवता नाराज हो जाते हैं और जब भी शनि भगवान नाराज होते हैं तो सबसे पहले घर में दरिद्रता का ही वास होता है। ऐसे में अगर आपकी भी शनिवार को कपड़े धोने की आदत है तो इसे
गुरुवार के दिन करना चाहिए बचाव
यह दिन बृहस्पति देव और भगवान विष्णु को समर्पित होता है। कहा जाता है कि इस दिन कपड़े धोने से घर की समृद्धि में रुकावट आती है और गुरु की कृपा कमजोर पड़ सकती है। ऐसे में भूलकर भी आप इस दिन कपड़े न धोएं
विज्ञापन
अमावस्या और पूर्णिमा
इन विशेष तिथियों पर आध्यात्मिक ऊर्जा उच्चतम होती है। परंपरा कहती है कि ऐसे समय में जरूरत से ज्यादा गतिविधियां करने से नकारात्मक असर हो सकता है, इसलिए कपड़े धोने जैसे काम टालना बेहतर होता है।
कब धोना चाहिए कपड़े?
अगर आप दरिद्रता नहीं, बल्कि धन और शांति को बुलाना चाहते हैं, तो सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार और रविवार को कपड़े धोएं ये दिन कपड़े धोने के लिए शुभ माने जाते हैं। सुबह 7 बजे से 11 बजे तक। इस समय को 'सत्त्विक काल' कहा जाता है, जो ऊर्जा से भरपूर होता है। ये सभी मान्यताएं ज्योतिष और वास्तु शास्त्र पर आधारित हैं। कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं कि इनसे आपकी जेब खाली या भरी होती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
कौन से दिन नहीं धोने चाहिए कपड़े?
शनिदेव को कर्म और न्याय का देवता माना जाता है। कहते हैं कि शनिवार को कपड़े नहीं धोने चाहिए, नहीं तो शनि देवता नाराज हो जाते हैं और जब भी शनि भगवान नाराज होते हैं तो सबसे पहले घर में दरिद्रता का ही वास होता है। ऐसे में अगर आपकी भी शनिवार को कपड़े धोने की आदत है तो इसे
विज्ञापन
गुरुवार के दिन करना चाहिए बचाव
यह दिन बृहस्पति देव और भगवान विष्णु को समर्पित होता है। कहा जाता है कि इस दिन कपड़े धोने से घर की समृद्धि में रुकावट आती है और गुरु की कृपा कमजोर पड़ सकती है। ऐसे में भूलकर भी आप इस दिन कपड़े न धोएं
विज्ञापन
अमावस्या और पूर्णिमा
इन विशेष तिथियों पर आध्यात्मिक ऊर्जा उच्चतम होती है। परंपरा कहती है कि ऐसे समय में जरूरत से ज्यादा गतिविधियां करने से नकारात्मक असर हो सकता है, इसलिए कपड़े धोने जैसे काम टालना बेहतर होता है।
कब धोना चाहिए कपड़े?
अगर आप दरिद्रता नहीं, बल्कि धन और शांति को बुलाना चाहते हैं, तो सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार और रविवार को कपड़े धोएं ये दिन कपड़े धोने के लिए शुभ माने जाते हैं। सुबह 7 बजे से 11 बजे तक। इस समय को 'सत्त्विक काल' कहा जाता है, जो ऊर्जा से भरपूर होता है। ये सभी मान्यताएं ज्योतिष और वास्तु शास्त्र पर आधारित हैं। कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं कि इनसे आपकी जेब खाली या भरी होती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।