फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   shani jayanti 2024 date know Birth Story of Shani Dev

Shani Dev Birth Story: कैसे हुआ था शनि देव का जन्म, पढ़िए इससे जुड़ी पौराणिक कहानी

Tue, 21 May 2024 07:00 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मेघा कुमारी Updated Tue, 21 May 2024 07:00 PM IST
सार

Birth Story of Shani Dev: इस साल 6 जून 2024 को शनि जयंती मनाई जाएगी। मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा के साथ-साथ स्नान और दान करना लाभदायक होता है। इससे जातक को शनि दोष से छुटकारा मिलता है।

विज्ञापन
shani jayanti 2024 date know Birth Story of Shani Dev
Birth Story of Shani Dev - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Birth Story of Shani Dev: इस साल 6 जून 2024 को शनि जयंती मनाई जाएगी। मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा के साथ-साथ स्नान और दान करना लाभदायक होता है। इससे जातक को शनि दोष से छुटकारा मिलता है। ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रहों का अपना अलग महत्व है। हालांकि, शनि ग्रह को सबसे खास माना जाता है।

विज्ञापन

ज्योतिष में उन्हें न्यायाधीश का स्थान प्राप्त है। वह व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल देते हैं। मान्यता है कि जिन जातकों पर उनकी कृपा होती है, वह जीवन में हमेशा तरक्की करते हैं। हालांकि, शनि की टेढ़ी नजर होने पर जातक को हमेशा असफलता मिलती है। यही नहीं उनके अशुभ प्रभाव के चलते व्यक्ति को धन की हानि होने लगती है और वह बीमारियों से घिरा रहता है।

विज्ञापन

हम सभी की कुंडली में शनि देव की स्थिति महत्वपूर्ण है, उनकी दशा सही होने पर व्यक्ति को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। इसके अलावा सभी रुके हुए कार्यों को गति मिलती है। इसलिए उनकी पूजा का खास ध्यान रखा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शनि देव का जन्म कैसे हुआ, अगर नहीं तो आज हम आपको उनके जन्म से जुड़ी कथा के बारे में बताने वाले हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

शनि देव की जन्म कथा
शनि देव के जन्म को लेकर कई कथाएं प्रचलित है। उन सभी में उनके बारे में अलग-अलग जिक्र देखने को मिलता है। उन्हीं में से एक है कि, सूर्यदेव का विवाह प्रजापति दक्ष की कन्या संज्ञा से हुआ था। संज्ञा और सूर्य से यम, मनु और यमुना पैदा हुए। वहीं सूर्य देव का तेज अधिक होने के कारण उनकी पत्नी संज्ञा ज्यादा दिनों तक यह सह नहीं पाईं। माना जाता है कि फिर कुछ समय बाद संज्ञा अपनी छाया को सूर्य की सेवा में छोड़कर चली गईं। कुछ दिनों के बाद छाया से शनि देव का जन्म हुआ।

शनि देव की पूजा विधि
शनि देव की पूजा के समय सरसों या तिल के तेल से उनका अभिषेक करें। इस दौरान शनि मंत्र का जाप करना शुभ होता है। इसलिए विधिनुसार पूजा करते हुए मंत्र पढ़ें। शनि देव की पूजा के दौरान हनुमान जी की पूजा करना लाभदायक होता है, इससे वह प्रसन्न होते हैं। इस दौरान पूजा में  सरसों का तेल, लौंग, काला नमक और काले रंग का कपड़ा जरूर उपयोग करें, यह सभी उनको प्रिय हैं।

शनिदेव के प्रमुख मंत्र

शनि गायत्री मंत्र
ॐ शनैश्चराय विदमहे छायापुत्राय धीमहि ।

शनि बीज मंत्र
ॐ प्रां प्रीं प्रों स: शनैश्चराय नमः ।।

शनि स्तोत्र
ॐ नीलांजन समाभासं रवि पुत्रं यमाग्रजम ।
छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम ।।

शनि पीड़ाहर स्तोत्र
सुर्यपुत्रो दीर्घदेहो विशालाक्ष: शिवप्रिय: ।
दीर्घचार: प्रसन्नात्मा पीडां हरतु मे शनि: ।।
तन्नो मंद: प्रचोदयात ।।

शनिदेव को प्रसन्न करने वाले सरल मंत्र
"ॐ शं शनैश्चराय नमः"
"ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"
"ॐ शन्नो देविर्भिष्ठयः आपो भवन्तु पीतये। सय्योंरभीस्रवन्तुनः।।

शनि का पौराणिक मंत्र
ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छाया मार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।

सामान्य मंत्र
ॐ शं शनैश्चराय नमः।

शनि का वैदिक मंत्र
ऊँ शन्नोदेवीर- भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः।
 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed