कब है पौष मास कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी, जानें तिथि, मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व
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Sankashti Chaturthi 2021: संकष्टी चतुर्थी 2 जनवरी 2021, शनिवार को मनाई जाएगी। पौष मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है। हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी पर जो भक्त सच्चे मन से भगवान गणेश का व्रत रखते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। जानते हैं संकष्टी चतुर्थी व्रत की विधि महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त....
संकष्टी चतुर्थी पूजा का शुभ मुहूर्त
सुबह की पूजा का मुहूर्त 05 बजकर 24 मिनट से 06 बजकर 21 मिनट तक
शाम की पूजा का मुहूर्त शाम 05 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर 06 बजकर 57 मिनट तक
- इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि करें।
- उसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- एक चौकी लें उसे गंगाजल से उसे शुद्ध करें।
- चौकी पर साफ पीला कपड़ा बिछाएं।
- चौकी पर गणेश जी की मूर्ति को विराजमान करें।
- भगवान गणपति के सामने धूप-दीप प्रज्वलित करें।
- उसके बाद तिलक करें।
- भगवान गणेश को पीले-फूल की माला अर्पित करें।
- भगवान गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।
- गणेश जी को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
- गणेश जी की आरती करें।
- शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत को पूरा करें।
संकष्टी चतुर्थी व्रत का महत्व
संकष्टी चतुर्थी को गणाधिपति संकष्टी चतुर्थी भी कहते हैं। इस दिन भगवान गणेश की पूजन किया जाता है। संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से घर में सुख शांति बनी रहती है। भगवान गणेश की कृपा से घर में शुभता आती है कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं सफलता प्राप्त होती है। भगवान गणेश अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।