फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Ram Mandir Pran Pratishtha Ayodhya Kuber Teela Temple history Lord Shiva Pm Modi Visit

राम मंदिर: जानिए अयोध्या के कुबेर टीला के बारे में जहां प्राण प्रतिष्ठा के बाद पीएम मोदी ने की पूजा

Mon, 22 Jan 2024 04:55 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Mon, 22 Jan 2024 04:55 PM IST
सार

श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा और संबोधन के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कुबेर टीला जाकर भगवान शिव के मंदिर में दर्शन और पूजा की। दरअसल अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि परिसर में एक कुबेर टीला है, जहां एक प्राचीन शिव मंदिर है। 

विज्ञापन
Ram Mandir Pran Pratishtha Ayodhya Kuber Teela Temple history Lord Shiva Pm Modi Visit
Ayodhya Ram Pran Pratishtha - फोटो : एएनआई

विस्तार

22 जनवरी का दिन सदा के लिए इतिहास के सुनहरे अक्षरो में लिखा जाएगा। आखिरकार आज वर्षों के बाद रामलला अयोध्या के भव्य राम मंदिर के मुख्य परिसर में विराजमान हो चुके हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न हो चुका है। श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा और संबोधन के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कुबेर टीला जाकर भगवान शिव के मंदिर में दर्शन और पूजा की। दरअसल अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि परिसर में एक कुबेर टीला है, जहां एक प्राचीन शिव मंदिर है। यह कुबेर टीला काफी प्रसिद्ध है। ऐसे में आइए जानते हैं कुबेर टीला क्यों प्रसिद्ध है और इसके इतिहास के बारे में… 

विज्ञापन


क्या है कुबेर टीला का इतिहास?
अयोध्या में स्थित कुबेर टीला पर एक प्राचीन शिव मंदिर है। यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। शास्त्रों के अनुसार यह टीला भगवान राम के जन्म से भी पहले से मौजूद था। ऐसी मान्यता है कि यहां धन के देवता कुबेर आए थे और उन्होंने ही टीले पर शिव जी की पूजा के लिए शिवलिंग की स्थापना की थी।
विज्ञापन


इसके बिना अधूरी रहती है अयोध्या की यात्रा 
कहा जाता है कि कुबेर टीला में भगवान शिव का जलाभिषेक किए बिना अयोध्या की यात्रा अधूरी होती है। इस मंदिर में शिव जी के अलावा भगवान गणेश, मां पार्वती, भगवान कार्तिकेय, भगवान कुबेर और नंदी सहित नौ देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित की गईं हैं। नौ देवियों की मौजूदगी के कारण कुबेर टीला को 'नौ रत्न' भी कहा जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मंदिर की दीवारें करीब पांच फुट ऊंची और 2.5 फुट चौड़ी थी। पहले यहां प्रत्येक वर्ष शिव जी की बारात निकलती थी, लेकिन 2005 में परिसर पर हुए आतंकी हमले में बाद यह कार्यक्रम बंद कर दिया गया। राम मंदिर के निर्माण के साथ-साथ श्रीराम भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कुबर टीले का भी पुनरुद्धार करवाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed