राम मंदिर: जानिए अयोध्या के कुबेर टीला के बारे में जहां प्राण प्रतिष्ठा के बाद पीएम मोदी ने की पूजा
श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा और संबोधन के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कुबेर टीला जाकर भगवान शिव के मंदिर में दर्शन और पूजा की। दरअसल अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि परिसर में एक कुबेर टीला है, जहां एक प्राचीन शिव मंदिर है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
22 जनवरी का दिन सदा के लिए इतिहास के सुनहरे अक्षरो में लिखा जाएगा। आखिरकार आज वर्षों के बाद रामलला अयोध्या के भव्य राम मंदिर के मुख्य परिसर में विराजमान हो चुके हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न हो चुका है। श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा और संबोधन के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कुबेर टीला जाकर भगवान शिव के मंदिर में दर्शन और पूजा की। दरअसल अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि परिसर में एक कुबेर टीला है, जहां एक प्राचीन शिव मंदिर है। यह कुबेर टीला काफी प्रसिद्ध है। ऐसे में आइए जानते हैं कुबेर टीला क्यों प्रसिद्ध है और इसके इतिहास के बारे में…
क्या है कुबेर टीला का इतिहास?
अयोध्या में स्थित कुबेर टीला पर एक प्राचीन शिव मंदिर है। यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। शास्त्रों के अनुसार यह टीला भगवान राम के जन्म से भी पहले से मौजूद था। ऐसी मान्यता है कि यहां धन के देवता कुबेर आए थे और उन्होंने ही टीले पर शिव जी की पूजा के लिए शिवलिंग की स्थापना की थी।
इसके बिना अधूरी रहती है अयोध्या की यात्रा
कहा जाता है कि कुबेर टीला में भगवान शिव का जलाभिषेक किए बिना अयोध्या की यात्रा अधूरी होती है। इस मंदिर में शिव जी के अलावा भगवान गणेश, मां पार्वती, भगवान कार्तिकेय, भगवान कुबेर और नंदी सहित नौ देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित की गईं हैं। नौ देवियों की मौजूदगी के कारण कुबेर टीला को 'नौ रत्न' भी कहा जाता है।
इस मंदिर की दीवारें करीब पांच फुट ऊंची और 2.5 फुट चौड़ी थी। पहले यहां प्रत्येक वर्ष शिव जी की बारात निकलती थी, लेकिन 2005 में परिसर पर हुए आतंकी हमले में बाद यह कार्यक्रम बंद कर दिया गया। राम मंदिर के निर्माण के साथ-साथ श्रीराम भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कुबर टीले का भी पुनरुद्धार करवाया है।