Pushya Nakshatra 2024: खरीदारी करने के लिए जुलाई में इस दिन बन रहा है शुभ योग, जानें तिथि और मुहूर्त
Pushya Nakshatra 2024: 23 जून 2024 से आषाढ़ माह की शुरूआत हो चुकी है। यह माह भगवान विष्णु की पूजा को समर्पित है। इस माह में आने वाले व्रत और त्योहार इसकी महत्ता को बढ़ाते हैं। हिंदी कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ चौथा महीना और अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह सातवां यानी जुलाई का महीना होता है। वहीं आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी से चातुर्मास की शुरुआत हो जाती है। चातुर्मास में सभी शुभ- मांगलिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी जाती है। ऐसे पुष्य नक्षत्र की महत्ता अधिक बढ़ जाती है। बता दें ये नक्षत्र शुभ कार्यों के लिए बेहद शुभ होता है। सभी 27 नक्षत्रों में से पुष्य नक्षत्र को बेहद लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा इसे नक्षत्रों का राजा भी कहा जाता है। इस दौरान खरीदारी करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है। इसी कड़ी में आइए जानते हैं जुलाई माह में पुष्य नक्षत्र कब बन रहा है।
पुष्य नक्षत्र जुलाई 2024
पंचांग के अनुसार 7 जुलाई के दिन पुष्य नक्षत्र बन रहा है। इस दौरान आषाढ़ शुक्ल की द्वितीया तिथि भी होगी। यह नक्षत्र रविवार के दिन बन रहा है, इसलिए इसे रवि पुष्य नक्षत्र कहा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर पुष्य नक्षत्र रविवार के दिन होता है, तो इसमें मां लक्ष्मी का प्रभाव रहता है। इस तिथि की शुरुआत 7 जुलाई सुबह 4 बजकर 48 मिनट पर होगी और 8 जुलाई सुबह 6 बजकर 03 मिनट पर इसका समापन होगा।
क्या कर सकते हैं मोबाइल की खरीदारी
समान की खरीदारी करने के लिए पुष्य नक्षत्र को बेहद शुभ माना जाता है। इस समय किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत की जा सकती है। यह नक्षत्र एक शुभ मुहूर्त के रूप में मौजूद होता है। इस दौरान आप मोबाइल से लेकर मकान, वाहन आदी चीजें आराम से खरीद सकते हैं। कुछ लोग इस दौरान सोने के आभूषण खरीदते हैं। मान्यता है कि पुष्य नक्षत्र में मां लक्ष्मी की पूजा जरूर करनी चाहिए, इससे शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
दंपत्ति करें यह काम
गृहस्थ जीवन में खुशहाली के लिए पुष्य नक्षत्र में गाय को गुड़ खिलाना चाहिए। साथ ही घर के पास किसी मंदिर में दीपक भी जलाएं। ऐसा करने से संकटों से मुक्ति मिलती है।
पुष्य नक्षत्र पर जरूर जपें ये मंत्र
- ॐ क्लीं कृष्णाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहाः
- केशवी केशवाराध्या किशोरी केशवस्तुता, रूद्र रूपा रूद्र मूर्तिः रूद्राणी रूद्र देवता।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।