फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Pitru Paksha 2024 Know the shradh vidhi without Brahman in hindi

Pitru Paksha 2024: ब्राह्मणों के बिना इस तरह करें पिंडदान, यहां जानें पूरी विधि

Fri, 20 Sep 2024 12:00 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Fri, 20 Sep 2024 12:00 PM IST
सार

पिंडदान के लिए यदि कोई पंडित उपलब्ध नहीं हो पा रहा है तो ऐसे में शास्त्रों ने इसका भी मार्ग बताया है, जिससे आप श्राद्ध-कर्म संपन्न कर सकते हैं।

विज्ञापन
Pitru Paksha 2024 Know the shradh vidhi without Brahman in hindi
pitru paksha 2024 - फोटो : amar ujala

विस्तार

पं. ज्ञानदेव आचार्य

विज्ञापन

वैसे तो पंडित द्वारा ही पिंडदान कराए जाने का विधान है, लेकिन यदि पंडित उपलब्ध न हो तो आप क्या करेंगे? ऐसे में हमारे शास्त्रों ने स्वयं भी पिंडदान करने का अधिकार दिया है। 

  • भगवान सूर्य को जगत का पंडित कहा गया है। पंडित का तात्पर्य है परम ब्रह्मज्ञानी और सूर्य से बड़ा ज्ञानी किसी और को नहीं माना गया है। इसलिए सूर्य को पंडित की संज्ञा दी गई है। ऐसे में भगवान सूर्य को ही पंडित मानते हुए पितरों के मोक्ष के लिए पिंडदान किया जा सकता है।
  • विज्ञापन
  • इसके लिए किसी भी पावन तीर्थ स्थल पर जल धारा में खड़े होकर हाथ में जौ, तिल, चावल, दाल लेकर जल के साथ पितृ आत्माओं का नाम लेकर भगवान सूर्य को अर्पित करें। 
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • कम-से-कम ग्यारह बार प्रत्येक पितृ आत्मा के लिए अंजुलि प्रदान करें। इसके अलावा जल में कच्चा दूध, चावल के लड्डू, अदरक, सूखे आंवले और कच्ची सूत के धागे बहते जल में प्रवाहित करें। दीपदान भी करें और तिलक, अक्षत, पुष्प व मिठाई भी अर्पित करें। पितरों के नाम से एक-एक नारियल भी जल में प्रवाहित करें। 
  • पिंडदान करने से पहले इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि शरीर पर सिले हुए वस्त्र धारण नहीं करें। श्राद्धकर्ता को स्नान करके पवित्र होकर धुली हुई धोती धारण करना चाहिए।

सफेद या पीले कपड़े
पिंडदान करने के लिए सफेद या पीले वस्त्र ही धारण करें। वैसे तो पिंडदान करने का अधिकार पुरुषों को ही है लेकिन यदि किसी परिवार में पिंडदान करने के लिए पुरुष नहीं हैं, तो महिलाएं भी संकल्पित श्राद्ध और पिंडदान कर सकती हैं। मगर पिंडदान करते समय महिलाओं को भी सफेद या पीले वस्त्र धारण करने चाहिए।



पितृपक्ष में क्या करना चाहिए

  • पशु-पक्षियों को भोजन कराएं। गरीबों और ब्राह्मणों को अपने सामर्थ्यनुसार दान करें।
  • घर में कोई भी शुभ कार्य या नए कार्य की शुरुआत श्राद्ध के दौरान नहीं करनी चाहिए।
  • पितृस्तोत्र का पाठ करें, इससे भी पितर प्रसन्न होते हैं।
  • धर्म ग्रंथों के अनुसार तर्पण का जल सूर्योदय से आधे प्रहर तक अमृत, एक प्रहर तक मधु, डेढ़ प्रहर तक दुग्ध, साढ़े तीन प्रहर तक जल रूप से पितृ को प्राप्त होता है।
  • तिल कुशा सहित जल लेकर पितृ तीर्थ यानी अंगूठे की ओर से धरती पर छोड़ने से पितरों को तृप्ति मिलती है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed