नवरात्रि में करें इन मंत्रों का जाप, मिलेगा धन और शक्ति का आशीर्वाद
नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए बहुत विशेष माने गए हैं। इन नौ दिनों में मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से मनुष्य को हर तरह की भय और बाधाओं से मुक्ति मिलती है। इन दिनों में मां आदिशक्ति स्वरुपा मां दुर्गा, महालक्ष्मी, महाकाली और ज्ञान की देवी सरस्वती की साधना से और नियमित मंत्र जाप से आप जीवन की सभी तरह की समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं। मां महाकाली और दुर्गा के मंत्रो का जाप करने से भय से मुक्ति मिलती है। तो वहीं मां लक्ष्मी मंत्रो का जाप करने से आपको धन संबंधित समस्याओं से निजात मिलती है मां सरस्वती का मंत्र जाप करने से बुद्धि कुशाग्र होती है। जानते हैं मां के चमत्कारिक मंत्र और मंत्रो का वैज्ञानिक महत्व..
सनातन धर्म में मंत्रों का विशेष महत्व बताया गया है। मंत्र जाप का केवल आध्यात्मिक या धार्मिक ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक तथ्य भी होता है। जब हम मंत्रों का जाप करते हैं तो लय बद्ध होकर स्वरों का उच्चारण करते हैं जिससे एक तरह का कंपन उत्पन्न होता है, जिसके द्वारा हमारे चारों ओर एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जो हमारे शरीर और मस्तिष्क दोनों पर प्रभाव डालता है। जिससे हमारी मानिसक और शारीरिक शक्ति मजबूत होती है। आगे पढ़िए मां के प्रभावी मंत्र..
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।
बीज मंत्र:- ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै’।
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।
या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।।
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु शांतिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।