{"_id":"d8dcb61c-6155-11e2-93f9-d4ae52bc57c2","slug":"mundan-before-prayag-ganga-snan","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयाग में स्नान से पूर्व मुण्डन जरूरी ","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
प्रयाग में स्नान से पूर्व मुण्डन जरूरी
राकेश/इंटरनेट डेस्क।
Updated Fri, 18 Jan 2013 03:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शास्त्रों में प्रयाग में लगने वाले कुंभ स्नान का बड़ा महत्व बताया गया है। कुंभ के दौरान शाही स्नान के दिन गंगा, यमुना एवं सरस्वती के संगम पर डुबकी लगाने से कई जन्मों के पाप कट जाते हैं।
विज्ञापन
स्कंदपुराण के अनुसार अश्वमेघ और सौ वाजपेयी यज्ञ करने, लाख बार भूमि की प्रदक्षिणा करने एवं कार्तिक में हजार बार गंगा स्नान करने तथा माघ में सौ बार एवं बैशाख में करोड़ बार नर्मदा स्नान करने का जो पुण्य प्राप्त होता है वह पुण्य महाकुंभ में एक बार स्नान करने पर ही सुलभ प्राप्त हो जाता है। इसलिए कुंभ में स्नान करने के लिए देश-विदेश से लोगों का आना-जाना लगा रहता है।
विज्ञापन
कुंभ स्नान के संदर्भ में यह मान्यता है कि स्नान करने से पूर्व मुण्डन करवाना चाहिए। स्त्रियों के लिए नियम है कि स्नान से पूर्व बाल कटवाकर पवित्र हो जाएं। इसके बाद संगम में डुबकी लगाएं। संगम तट पर मुण्डन करवाकर स्नान करने के संदर्भ में ऐसी मान्यता इसलिए है क्योंकि माना जाता है कि बालों की जड़ों में पाप आश्रय लेकर टिके रहते हैं। मुण्डन करवाकर डुबकी लगाने से पाप नष्ट हो जाते हैं।
विज्ञापन
इसी मान्यता के कारण बहुत से लोग संगम तट पर मुण्डन करवाते हैं। कुंभ के अलावा भी अन्य दिनों में प्रयाग तट पर गंगा स्नान करने वाले श्रद्घालु मुण्डन करवाते नज़र आते हैं। आधुनिक समय में बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो मुण्डन करवाना पसंद नहीं करते हैं ऐसे लोग बालों की एक लट कटवाकर इस नियम को पूरा कर लेते हैं।
मुण्डन के संदर्भ शास्त्रों में कहा गया है कि इससे शुद्घता और पवित्रता आती है इसलिए ही बच्चे के जन्म के बाद उनका मुण्डन करवा जाता है। जनेऊ एवं किसी की मृत्यु के बाद शुद्घता हेतु मुण्डन करवाने का नियम है।