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Ashada Month 2021: चल रहा है आषाढ़ का महीना, जानें इस माह का महत्व और नियम
Mon, 28 Jun 2021 03:24 PM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रुस्तम राणा
Updated Mon, 28 Jun 2021 03:24 PM IST
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आषाढ़ 2021: इस महीने में श्री हरि विष्णु की उपासना से भी संतान प्राप्ति का वरदान मिलता है।
- फोटो : अमर उजाला।
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Ashada Month 2021: आषाढ़ का महीना हिन्दू पंचांग का चौथा महीना होता है। पूर्णिमांत के अनुसार यह महीना 25 जून से प्रारंभ हो चुका है, जो 24 जुलाई को समाप्त होगा। आषाढ़ मास के प्रमुख त्योहारों में जगन्नाथ रथयात्रा है। इस महीने में सूर्य और देवी की भी उपासना की जाती है और इसी महीने देवशयनी एकादशी के दिन से श्री हरि विष्णु शयन के लिए चले जाते हैं जिसके कारण अगले चार माह तक शुभ कार्यों को करने की मनाही है। इसे चतुर्मास के नाम से भी जाना जाता है।
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इस महीने करें उपासना
धार्मिक मान्यता के अनुसार, आषाढ़ माह में गुरु की उपासना सबसे फलदायी होती है। इस महीने में श्री हरि विष्णु की उपासना से भी संतान प्राप्ति का वरदान मिलता है। इस महीने में जल देव की उपासना का भी महत्व है। कहा जाता है कि जल देव की उपासना करने से धन की प्राप्ति होती है। ऊर्जा के स्तर को संयमित रखने के लिए आषाढ़ के महीने में सूर्य की उपासना की जाती है।
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आषाढ माह में सेहत
स्वास्थ्य के नजरिए से यह माह ठीक नहीं होता है। दरअसल आषाढ़ माह संधि काल का महीना है, आषाढ माह से वर्षा ऋतु की शुरुआत हो जाती है। इसलिए इस महीने में रोगों का संक्रमण सर्वाधिक होता है। वातावरण में भी इस समय नमी होती है। आषाढ़ माह में ही मलेरिया, चिकन गुनिया और डेंगू जैसे रोग होते हैं। इस समय वायरल फीवर के कारण भी लोग बीमार होते हैं। इसलिए महीने कुछ विशेष बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
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सावधानियां
इस संधि काल के महीने में जल जनित बीमारी अधिक होती हैं। ऐसे में इस समय स्वच्छ जल का सेवन करना करना चाहिए। इस समय खान-पान में रसीले फलों का अधिक सेवन करना चाहिए। हालांकि बेल से पहरेज करें। पाचन को दुरुस्त बनाए रखने के लिए कम तली भुनी चीजों का सेवन करें। आषाढ़ माह में सौंफ, हींग और नींबू का सेवन करना लाभकारी होता है। इस समय घर के आसपास पानी को एकत्रित न होने दें।