makar sankranti 2021: इस दिन भूलकर भी नहीं करने चाहिए ये काम
जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में भ्रमण करता है तो उसे संक्रांति कहते हैं। इसी तरह से जब सूर्य धनु राशि से मकर में संक्रांति करता है तो उसे मकर संक्रांति कहा जाता है। हर वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन से छह माह के लिए सूर्य उत्तरायण होता है। इसलिए इसे उत्तरायण पर्व भी कहते हैं। इस दिन किए गए दान का कई गुना ज्यादा पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन से खरमास भी समाप्त हो जाते हैं और मांगलिक कार्यों की शुरूआत होती है। मकर संक्रांति के दिन कई कार्यों को करना बहुत शुभ माना जाता है तो वहीं कुछ कार्यों को इस दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि मकर संक्रांति के दिन क्या करें और क्या न करें।
कुछ लोगों की आदत होती है कि उन्हें बिस्तर पर ही चाय चाहिए होती है या फिर वे सुबह उठते ही कुछ न कुछ खाना शुरू कर देते हैं, लेकिन मकर संक्रांति के दिन सुबह को पहले स्नान करने से पहले कुछ भी खाना-पीना नहीं चाहिए। स्नान करके पूजा करने और सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात ही कुछ खाना चाहिए।
मकर संक्रांति प्रकृति के साथ जुड़ा हुआ पर्व है। इस दिन किसी भी प्रकार से पेड़ पौधों की कटाई-छंटाई नहीं करनी चाहिए। यदि आप किसान हैं तो इस दिन फसल की कटाई का कार्य न करें।
मकर संक्रांति के दिन मांस मदिरा और किसी भी प्रकार से नशाली चीजों जैसे सिगरेट, गुटका आदि का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
मकर संक्रांति के दिन भोजन में प्याज और लहसुन का प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये दोनों ही चीजें तामसिक मानी गई हैं। खाने में सात्विकता की पूर्णयता ध्यान रखें।
यदि आपके घर में दूध देने वाले मवेशी हैं तो मकर संक्रांति के दिन गाय या भैंस का दूध नहीं दूहना चाहिए।
मकर संक्रांति उमंग और उत्साह का त्योहार है इसलिए इस दिन भूलकर भी क्रोध नहीं करना चाहिए। किसी से भी वाद-विवाद या फिर अपशब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
मकर संक्रांति दान का पर्व है इस दिन यदि आपके द्वार पर कोई जरूरतमंद व्यक्ति आता है तो उसे खाली हाथ वापस न लौटाएं।