फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Maha Shivratri 2026 The Divine Story of the Marriage of Shiva and Parvati Included Ghosts & Spirits

Maha Shivratri 2026: जब महादेव की बारात में भूत-प्रेत भी शामिल हुए, जानें शिव और पार्वती की विवाह की कथा

Sun, 15 Feb 2026 02:10 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Sun, 15 Feb 2026 02:10 PM IST
सार

Mahashivratri Katha: महाशिवरात्रि 2026 पर भगवान शिव और माता पार्वती का पवित्र विवाह, भव्य बारात, पूजा, व्रत और रात्रि जागरण का दिव्य पर्व, जो सुख, शांति और समृद्धि लाता है।

विज्ञापन
Maha Shivratri 2026 The Divine Story of the Marriage of Shiva and Parvati Included Ghosts & Spirits
महाशिवरात्रि 2026 - फोटो : amar ujala

विस्तार

Mahashivratri Katha: आज का दिन महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जा रहा है, जो भगवान महादेव और माता पार्वती को समर्पित एक पवित्र और दिव्य पर्व है। यह दिन शिव और पार्वती के पवित्र विवाह की याद दिलाता है और भक्त इस अवसर पर पूजा, व्रत और जागरण करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की कथा सुनने और उनका ध्यान करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

विज्ञापन


Mahashivratri 2026 Live: महाशिवरात्रि का पर्व आज, जानें भोलेनाथ के प्रिय भोग और मनचाहा साथी पाने के उपाय

विज्ञापन

महादेव की अनोखी और अलौकिक बारात
पुराणों के अनुसार, जब भगवान शिव विवाह के लिए अपनी बारात लेकर निकले, तो यह दृश्य अत्यंत अनोखा और भयानक था। महादेव दूल्हे के रूप में इतने विशिष्ट और विचित्र स्वरूप में दिखाई दिए कि कोई भी उस दृश्य को देखकर स्तब्ध रह गया। उनके शरीर पर भस्म लगी हुई थी, गले में सांप और नरमुंडों की माला थी। एक हाथ में डमरू, दूसरे में त्रिशूल था, और वह नंदी पर सवार होकर बारात में शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिव की बारात में केवल देवता ही नहीं थे, बल्कि इसमें भूत, प्रेत, पिशाच, योगिनियां, यक्ष, गंधर्व, अप्सराएं, किन्नर और शिवगण भी शामिल थे। इन शिवगणों के रूप इतने विचित्र थे कि कोई कई हाथ-पैर वाला था, किसी के चार मुख थे, तो किसी का कोई मुख ही नहीं था। कुछ बहुत मोटे थे, कुछ दुबले-पतले। साथ ही, सांप, बिच्छू और अन्य जानवर भी बारात में शामिल थे। बारात का यह अद्भुत दृश्य देख माता पार्वती के परिवार और ससुराल पक्ष अचंभित और डर गए।

Mahashivratri 2026 Wishes: काल भी तुम, महाकाल भी तुम... ऐसे संदेशों से दें शिव भक्तों को शुभकामनाएं


महर्षि अगस्त्य का योगदान
इतनी विशाल और विचित्र बारात के कारण पृथ्वी झुक गई थी। संतुलन बनाए रखने के लिए महर्षि अगस्त्य को दक्षिण में भेजा गया। बारात जब हिमालय पहुंची, तो देवता ब्रह्मा और विष्णु आगे बढ़कर उसका स्वागत करने लगे।
माता पार्वती की मां मैनावती बारात देखकर डर गईं और बेहोश हो गईं। नगरवासी डर के कारण पीछे हट गए, महिलाएं भाग गईं। यहां तक कि मैनावती नारद मुनि को कोसने लगीं। लेकिन माता पार्वती अपने शिवजी के भयानक रूप से बिल्कुल भी विचलित नहीं हुईं। उनका प्रेम और भक्ति अडिग था।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed