Navratri Spl: मां दुर्गा की छठी शक्ति बनाएगी विवाह का योग
नवरात्र के छठे दिन मां दुर्गा की शक्ति मां कात्यायनी की आराधना होती हैं। माना जाता है कि जिन लड़कियों का विवाह होने के दिक्कतें आ रही हैं। मां कात्यायनी की पूजा करने से विवाह का योग बनता हैं। यही नहीं मनचाहा वर भी मिलता हैं। इनका वाहन सिंह हैं और इनकी चार भुजाएं हैं। महिषासुर राक्षस का वध करने के कारण इनको महिषासुर मर्दिनी के नाम से भी जाता हैं। इनकी कृपा से भर, शोक और रोग से मुक्ति मिलती हैं।
ऐसे करें पूजा
मां कात्यायनी की पूजा वाले दिन सुबह जल्दी नहाकर इनका ध्यान करें। इसके बाद पहले की ही तरह कलश और उसमें मौजूद सभी देवी- देवताओं की पूजा करने के बाद मां कात्यायनी की पूजा करें। भोग लगाते समय ध्यान रहें कि इनके भोग में शहद जरूर हो।
दूर होंगे ये कष्ट
- जिन कन्याओं के विवाह में देरी हो रही हों। वे कात्यायनी यंत्र की प्राण प्रतिष्ठा करवाएं और निश्चित दिन तक निश्चित संख्या में कात्यायनी देवी के मंत्र का जाप करें।
- अगर आपके परिवार में या फिर आप खुद लंबे समय से बीमार चल रहे हैं तो एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर दुर्गा यंत्र स्थापित करें। सफेद कपड़े में सात कौडियां, सात गोमती चक्र, सात नागकेसर के जोडे, सात मुट्ठी चावल बांध कर यंत्र के सामने रख दें। इसकी लगातार 43 दिन तक पूजा करें।
- यदि आप छोटी- छोटी सी बात पर डर जाते हैं तो कात्यायनी मां के सामने घी का दीपक जलाकर सुबह व शाम को मंत्र का जाप करें।