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Lohri 2022: लोहड़ी पर चावल से बनी यह चीज है खास, जानिए इसका ज्योतिषीय महत्व

Wed, 12 Jan 2022 01:10 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Wed, 12 Jan 2022 01:10 PM IST
सार

Lohri 2022: यब बात काफी कम लोगों को पता है कि खील सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है। खील धान यानी चावल से तैयार होती है जिस वजह से यह काफी लाभदायक होती है। खील का ज्योतिषीय महत्व भी है। इसे अग्नि में समर्पित करने से हमारे जीवन में कई शुभकारी परिणाम प्राप्त होता है।

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Lohri 2022 This item made of rice is special on Lohri know its astrological significance
Lohri 2022 - फोटो : istock

विस्तार

Lohri 2022: कल पूरे देश में लोहड़ी का त्योहार धूम-धाम से मनाया जाएगा। लोहड़ी परंपरागत रूप से  किसान परिवारों में सबसे बड़ा उत्सव है। लोहड़ी का यह त्योहार मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है। सिख धर्म के अनुसार लोहड़ी का त्योहार है नविवाहित जोड़ों और शिशुओं को बधाई देने का। सिंधी समाज में भी मकर संक्रांति से एक दिन पूर्व लाल लोही के रूप में इस पर्व को मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि लोहड़ी का त्योहार फसल कटाई की खुशी में मनाया जाता है। इस दौरान अलाव जलाया जाता है, उसमें गेहूं की बालियां चढ़ाई जाती हैं। इस मौके पर पंजाबी समुदाय के लोग भांगड़ा करते हैं और जमकर नाचते-गाते करते हैं और खूब गाते हैं। इस दिन अग्नि देवता को खुश करने के लिए अलाव में गुड़, मक्का, तिल व खील जैसी चीजें भी चढ़ाई जाती हैं। यब बात काफी कम लोगों को पता है कि खील सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है। खील धान यानी चावल से तैयार होती है जिस वजह से यह काफी लाभदायक होती है। खील का ज्योतिषीय महत्व भी है। इसे अग्नि में समर्पित करने से हमारे जीवन में कई शुभकारी परिणाम प्राप्त होता है। आइए जानते हैं खील के ज्योतिषीय महत्व क्या है-

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लोहड़ी जलाने का शुभ मुहूर्त 
13 जनवरी को सायं 5 बजे के बाद रोहिणी नक्षत्र शुरू हो जाएगा। 
लोहड़ी जलाने का शुभ मुहूर्त आरंभ: सायं 5:43 मिनट से आरंभ 
लोहड़ी जलाने का शुभ मुहूर्त समाप्त: सायं 7: 25 मिनट तक 

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खील का ज्योतिषीय महत्व
शुक्र ग्रह का प्रमुख धान्य धान ही होता है। शुक्र को प्रसन्न करने के लिए अग्नि में खील अर्पित की जाती  है। 
जीवन में भौतिक सुख-सुविधाओं की प्राप्ति शुक्र ग्रह से होती है। 
ऐसा माना जाता है कि लोहड़ी पर अग्नि में खील अर्पित करने से शुक्र ग्रह से संबंधित शुभ फल हमें प्राप्त होंगे।
शुक्र ग्रह से शुभ फल पाने से धन-धान्य के साथ-साथ दांपत्य जीवन में खुशियां बनी रहती हैं,  इसलिए लोहड़ी पर अग्नि में खील अर्पित की जाती है।

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