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Kumbh Mela 2019 : बसंत पंचमी समेत इन 3 पर्वों पर श्रद्धालु लगा सकेंगे पुण्य की डुबकी
Mon, 04 Feb 2019 12:08 PM IST
Ayush Jha
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Ayush Jha
Updated Mon, 04 Feb 2019 12:08 PM IST
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प्रयागराज कुंभ 2019
प्रयागराज कुंभ में मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। बगैर किसी निमंत्रण के लाखों की संख्या में जुटने वाला आस्था का जनसमूह कड़कड़ाती ठंड में देर रात से ही पुण्य की डुबकी लगा रहा है। वहीं इस कुंभ का मुख्य आकर्षण का शाही स्नान भी इस बीच जारी है। विशेष घड़ी में अखाड़ों से जुड़े साधु-संतों के यही डुबकी शाही स्नान कहलाती है। यह कुंभ मेले में साधु-संतों का दूसरा शाही स्नान है। इससे पहले 15 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन पहला शाही स्नान हुआ था। होगा। जबकि तीसरा और अंतिम शाही स्नान 10 फरवरी बसंत पंचमी के दिन होगा। लेकिन इस शाही स्नान के अलावा भी अभी और पर्व बाकी हैं, जिसमें श्रद्धालु इस पावित्र नगरी में संगम में डुबकी लगा सकते हैं।
mauni amavasya
बसंत पंचमी — 10 फरवररी 2019 — तीसरा शाही स्नान
प्रयागराज कुंभ का तीसरा और अंतिम शाही स्नान 10 फरवरी 2019 को बसंत पंचमी के दिन होगा। इस पावन तिथि के आने तक मौसम सुहावना हो चुका होता है। चूंकि प्रयागराज में मां गंगा-यमुना के साथ माता सरस्वती का भी संगम होता है, ऐसे में इस दिन शस्त्र और शास्त्र में निपुण साधु-संतों के साथ सरस्वती के साधक बड़ी संख्या में इस विशेष स्नान में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं।
प्रयागराज कुंभ का तीसरा और अंतिम शाही स्नान 10 फरवरी 2019 को बसंत पंचमी के दिन होगा। इस पावन तिथि के आने तक मौसम सुहावना हो चुका होता है। चूंकि प्रयागराज में मां गंगा-यमुना के साथ माता सरस्वती का भी संगम होता है, ऐसे में इस दिन शस्त्र और शास्त्र में निपुण साधु-संतों के साथ सरस्वती के साधक बड़ी संख्या में इस विशेष स्नान में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं।
Kumbh Snan
माघी पूर्णिमा — 19 फरवरी 2019 — पर्व स्नान
प्रयागराज कुंभ में माघ महीने की पूर्णिमा में इस स्नान का बहुत महत्व है। माघ की इसी पूर्णिमा के दिन संगम की रेती पर चलने वाला कल्पवास खत्म होगा। जिसे पूर्ण करने के पश्चात् श्रद्धालु अपने एक महीने की इस साधना का पुण्यफल पाने के लिए संगम में विशेष डुबकी लगाते हैं। मौनी अमावस्या की तरह माघ की पूर्णिमा का स्नान भी पुण्य फल प्रदान करने वाली है।
प्रयागराज कुंभ में माघ महीने की पूर्णिमा में इस स्नान का बहुत महत्व है। माघ की इसी पूर्णिमा के दिन संगम की रेती पर चलने वाला कल्पवास खत्म होगा। जिसे पूर्ण करने के पश्चात् श्रद्धालु अपने एक महीने की इस साधना का पुण्यफल पाने के लिए संगम में विशेष डुबकी लगाते हैं। मौनी अमावस्या की तरह माघ की पूर्णिमा का स्नान भी पुण्य फल प्रदान करने वाली है।
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kumbh photo 2019
महाशिवरात्रि : 4 मार्च 2019 — पर्व स्नान
संगम की रेती पर आस्था का यह महामेला मकर संक्रांति से शुरु होकर महाशिवरात्रि के दिन समाप्त होता है। इस तरह एक पवित्र घड़ी में आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं के लिए महाशिवरात्रि का पर्व अंतिम मौका होगा। भगवान शिव के इस पावन व्रत के दिन सुदूर कंदराओं, पहाड़ों और दुर्गम स्थानों से निकलकर आनेवाले साधु-संत और माघ मेले में कल्पवास करने वाले कल्पवासी अपने-अपने स्थान को वापस लौट जाएंगे।
संगम की रेती पर आस्था का यह महामेला मकर संक्रांति से शुरु होकर महाशिवरात्रि के दिन समाप्त होता है। इस तरह एक पवित्र घड़ी में आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं के लिए महाशिवरात्रि का पर्व अंतिम मौका होगा। भगवान शिव के इस पावन व्रत के दिन सुदूर कंदराओं, पहाड़ों और दुर्गम स्थानों से निकलकर आनेवाले साधु-संत और माघ मेले में कल्पवास करने वाले कल्पवासी अपने-अपने स्थान को वापस लौट जाएंगे।