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Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Kaal Bhairav Jayanti 2022 read mantra and aarti of baba kaal bhairav for happiness and blessings

Kaal Bhairav Jayanti 2022: आज काल भैरव जयंती पर पढ़ें ये आरती और मंत्र, दुख-दर्द, भय सब होंगे दूर

Wed, 16 Nov 2022 10:31 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Wed, 16 Nov 2022 10:31 AM IST
सार

Kaal Bhairav Jayanti 2022: आज यानी 16 नवंबर को काल भैरव जयंती है। हर साल मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालभैरव जयंती मनाई जाती है। इस दिन रुद्रावतार काल भैरव की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

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Kaal Bhairav Jayanti 2022 read mantra and aarti of baba kaal bhairav for happiness and blessings
आज काल भैरव जयंती पर पढ़ें ये आरती और मंत्र - फोटो : Facebook

विस्तार

Kaal Bhairav Jayanti 2022: आज यानी 16 नवंबर को काल भैरव जयंती है। हर साल मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालभैरव जयंती मनाई जाती है। इस दिन रुद्रावतार काल भैरव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि काल भैरव तंत्र-मंत्र के देवता हैं। इनकी पूजा करने से ग्रह दोष, रोग, कष्ट, संकट सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। काशी के कोतवाल कहे जाने वाले बाबा काल भैरव की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त आज रात 11 बजकर 40 मिनट से देर रात 12 बजकर 33 मिनट तक है। इस शुभ मुहूर्त में आप पूजा के साथ ही काल भैरव की आरती और मंत्रों का जाप कर सकते हैं। इससे बाबा काल भैरव प्रसन्न होंगे और आपके दुख दर्द हर लेंगे। काल भैरव के प्रभावशाली मंत्र और आरती इस प्रकार हैं... 

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Kaal Bhairav Jayanti 2022: काल भैरव जयंती आज, बाबा काल भैरव की कृपा पाने के लिए करें भैरव चालीसा का पाठ 

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काल भैरव के प्रभावशाली मंत्र

  • ओम कालभैरवाय नम:
  • ओम भ्रां कालभैरवाय फट्
  • ओम भयहरणं च भैरव:
  • धर्मध्वजं शङ्कररूपमेकं शरण्यमित्थं भुवनेषु सिद्धम्।
  • द्विजेन्द्र पूज्यं विमलं त्रिनेत्रं श्री भैरवं तं शरणं प्रपद्ये।।

काल भैरव गायत्री मंत्र

  • ओम शिवगणाय विद्महे गौरीसुताय धीमहि तन्नो भैरव प्रचोदयात।।


काल भैरव की आरती
जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा।
जय काली और गौरा देवी कृत सेवा।।

तुम्हीं पाप उद्धारक दुख सिंधु तारक।
भक्तों के सुख कारक भीषण वपु धारक।। जय भैरव देवा…

वाहन शवन विराजत कर त्रिशूल धारी।
महिमा अमिट तुम्हारी जय जय भयकारी।। जय भैरव देवा…

तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होंवे।
चौमुख दीपक दर्शन दुख सगरे खोंवे।। जय भैरव देवा…

तेल चटकि दधि मिश्रित भाषावलि तेरी।
कृपा करिए भैरव करिए नहीं देरी।। जय भैरव देवा…

पांव घुंघरू बाजत अरु डमरू डमकावत।।
बटुकनाथ बन बालक जन मन हर्षावत।। जय भैरव देवा…

बटुकनाथ जी की आरती जो कोई नर गावे।
कहें धरणीधर नर मनवांछित फल पावे।। जय भैरव देवा…

काल भैरव की जय…बटुक भैरव की जय…काल भैरव की जय। 

Kaal Bhairav Jayanti 2022: काल भैरव जयंती आज, जानिए पूजा विधि और महाकाल को प्रसन्न करने के उपाय 

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