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Good Friday 2019 : गुड फ्राइडे के बारे में जानिए 8 रस्में
Wed, 17 Apr 2019 04:22 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Wed, 17 Apr 2019 04:22 PM IST
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good friday 2019
गुड फ्राइडे के दिन प्रभु ईसा मसीह का बलिदान हुआ था। इसी दिन प्रेम और ज्ञान का संदेश देने वाले प्रभु यीशु को कट्टरपंथियों ने सूली पर चढ़ाया गया था। गुड फ्राइडे को होली डे, ब्लैक डे, ग्रेट फ्राइडे के नाम से जाना जाता है। आइए जानते है गुड फ्राइडे से जुड़ी कुछ रस्में।
शुक्रवार के दिन प्रभु ईसा मसीह को सूली पर लटकाया गया था फिर भी इसे गुड फ्राइडे क्यों कहते हैं। दरअसल इसके पीछे मान्यता है कि प्रभु यीशु की मृत्यु के बाद उन्होंने दोबारा जन्म लिया था जिस कारण से इस दिन को गुड फ्राइडे कहा जाता है।
गुड फ्राइडे के दिन ईसाई समुदाय के लोग उपवास रखते है। इस दिन लोग प्रसाद स्वरूप गर्म मीठी रोटियां भी खाते है।
ब्रिटेन समेत कई पश्चिमी देशों में इस दिन कोई भी घुड़दौड़ नहीं की जाती।
गुड फ्राइडे के दिन लोग चर्च में घंटे नहीं बजाते है बल्कि इस दिन विशेष प्रार्थना की जाती है और लकड़ी के खटखटे से आवाज की जाती है।
अनेक लोग इस बलिदान के लिए ईसा मसीह की कृतज्ञता व्यक्त करते हुए 40 दिन पहले से उपवास भी रखते हैं। जो 'लेंट' कहलाता है।
इस दिन चर्च और घरों से सजावट की वस्तुएं हटा ली जाती हैं या उन्हें कपडे़ से ढक दिया जाता है।
गुड फ्राइडे पर लोग 40 दिन पहले से उपवास रखना शुरू कर देते हैं।
गुड फ्राइडे के तीसरे दिन यानी उसके अगले संडे को ईसा मसीह दोबारा जीवित हो गए थे, इसे ईस्टर संडे कहते है।
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शुक्रवार के दिन प्रभु ईसा मसीह को सूली पर लटकाया गया था फिर भी इसे गुड फ्राइडे क्यों कहते हैं। दरअसल इसके पीछे मान्यता है कि प्रभु यीशु की मृत्यु के बाद उन्होंने दोबारा जन्म लिया था जिस कारण से इस दिन को गुड फ्राइडे कहा जाता है।
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गुड फ्राइडे के दिन ईसाई समुदाय के लोग उपवास रखते है। इस दिन लोग प्रसाद स्वरूप गर्म मीठी रोटियां भी खाते है।
ब्रिटेन समेत कई पश्चिमी देशों में इस दिन कोई भी घुड़दौड़ नहीं की जाती।
गुड फ्राइडे के दिन लोग चर्च में घंटे नहीं बजाते है बल्कि इस दिन विशेष प्रार्थना की जाती है और लकड़ी के खटखटे से आवाज की जाती है।
अनेक लोग इस बलिदान के लिए ईसा मसीह की कृतज्ञता व्यक्त करते हुए 40 दिन पहले से उपवास भी रखते हैं। जो 'लेंट' कहलाता है।
इस दिन चर्च और घरों से सजावट की वस्तुएं हटा ली जाती हैं या उन्हें कपडे़ से ढक दिया जाता है।
गुड फ्राइडे पर लोग 40 दिन पहले से उपवास रखना शुरू कर देते हैं।
गुड फ्राइडे के तीसरे दिन यानी उसके अगले संडे को ईसा मसीह दोबारा जीवित हो गए थे, इसे ईस्टर संडे कहते है।