मासिक दुर्गाष्टमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा
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मासिक दुर्गाष्टमी व्रत 28 जून को है। हिन्दू धर्म में यह व्रत बेहद ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा की जाती है। हर माह शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली अष्टमी तिथि को दुर्गाष्टमी मनाई जाती है और 28 जून को आषाढ़ माह शुक्ल की अष्टमी तिथि है। मासिक दुर्गा अष्टमी को मास दुर्गाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है दुर्गाष्टमी पर देवी दुर्गा की मूर्ति की मन्त्रों से विधिपूर्वक पूजन करने से मां का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं मासिक दुर्गा अष्टमी का पूजा मुहूर्त, व्रत विधि एवं व्रत कथा।
अष्टमी तिथि प्रारंभ - 26:54 बजे से प्रारंभ (27 जून 2020)
अष्टमी तिथि समाप्त - 24:35 बजे तक (28 जून 2020)
- प्रातः जल्दी उठकर स्नान ध्यान करें।
- व्रत का संकल्प लें. मां का पूजन करें।
- दुर्गा पूजा में मां का वस्त्र, आभूषणों द्वारा श्रंगार करें।
- धूप, दीप से देवी की पूजा करें।
- पूजा के अंत में मां की आरती गाएं।
- मां को प्रसाद में हलवा-पूरी, खीर, उबले चने आदि का भोग लगाएं।
- मां की पूजा के बाद प्रसाद वितरित करें।
पौराणिक कथा के अनुसार मासिक दुर्गा अष्टमी के दिन के लिए मान्यता है कि दुर्गम नाम के क्रूर राक्षस ने अपनी क्रूरता से तीनों लोकों को पर अत्याचार किया हुआ था। उसके आतंक के कारण सभी देवता स्वर्ग छोड़कर कैलाश चले गए थे। दुर्गम राक्षस को वरदान था कि कोई भी देवता उसका वध नहीं कर सकता, सभी देवता ने भगवान शिव से विनती कि वो इस परेशानी का हल निकालें। इसके बाद ब्रह्मा, विष्णु और शिव ने अपनी शक्तियों को मिलाकर शुक्ल पक्ष की अष्टमी के दिन देवी दुर्गा को जन्म दिया। इसके बाद माता दुर्गा को सबसे शक्तिशाली हथियार दिया गया और राक्षस दुर्गम के साथ युद्ध छेड़ दिया गया। जिसमें माता ने राक्षस का वध कर दिया और इसके बाद से दुर्गा अष्टमी की उत्पति हुई। इसलिए दुर्गा अष्टमी के दिन शस्त्र पूजा का भी विधान है।