फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Dev Uthani Ekadashi Ka Geet Utho Dev Baitho Dev Gyaras Bhajan Lyrics In Hindi

Dev Uthani Ekadashi : देवउठनी एकादशी पर गाएं ये गीत, योगनिद्रा से प्रसन्न होकर जागेंगे भगवान विष्णु

Fri, 04 Nov 2022 01:14 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Fri, 04 Nov 2022 01:14 PM IST
सार

Dev Uthani Ekadashi Geet Lyrics In Hindi: Dev Uthani Ekadashi Ka Geet : आज कार्तिक मास की एकादशी है। इसे देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में कार्तिक मास में पड़ने वाली एकादशी का विशेष महत्व है। 

विज्ञापन
Dev Uthani Ekadashi Ka Geet Utho Dev Baitho Dev Gyaras Bhajan Lyrics In Hindi
देवउठनी एकादशी गीत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Dev Uthani Ekadashi Ka Geet : आज कार्तिक मास की एकादशी है। इसे देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में कार्तिक मास में पड़ने वाली एकादशी का विशेष महत्व है। क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु पूरे चार मास की योगनिद्रा से जाग्रत हो जाते हैं। इसके साथ जगत के पालनहार के जागते ही 4 महीनों से रुके हुए सभी तरह के मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे। मान्यता है कि सभी एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ मानी जाने वाली इस एकादशी का व्रत करने वालों को स्वर्ग और बैकुंठ की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु को विधि-विधान से जगा कर पूजा अर्चना की जाती है। ऐसे में यदि आप भी भगवान विष्णु को श्रद्धा भाव के साथ जगाना चाहते हैं, तो इस गीत के द्वारा जगा सकते हैं-
विज्ञापन


Chandra Grahan: 8 नवंबर को सुबह से ही लग जाएगा चंद्र ग्रहण का सूतक काल, जानिए इस दौरान क्या करें क्या नहीं
विज्ञापन

 

देवउठनी एकादशी गीत

उठो देव बैठो देव
हाथ-पाँव फटकारो देव
उँगलियाँ चटकाओ देव
सिंघाड़े का भोग लगाओ देव
गन्ने का भोग लगाओ देव
सब चीजों का भोग लगाओ देव ॥ 
उठो देव बैठो देव
उठो देव, बैठो देव
देव उठेंगे कातक मोस
नयी टोकरी, नयी कपास
ज़ारे मूसे गोवल जा  
गोवल जाके, दाब कटा  
दाब कटाके, बोण बटा
बोण बटाके, खाट बुना
खाट बुनाके, दोवन दे
दोवन देके दरी बिछा
दरी बिछाके लोट लगा
लोट लगाके मोटों हो, झोटो हो
गोरी गाय, कपला गाय
जाको दूध, महापन होए,
सहापन होएI
जितनी अम्बर, तारिइयो
इतनी या घर गावनियो
जितने जंगल सीख सलाई
इतनी या घर बहुअन आई
जितने जंगल हीसा रोड़े
जितने जंगल झाऊ झुंड
इतने याघर जन्मो पूत
ओले क़ोले, धरे चपेटा
ओले क़ोले, धरे अनार
ओले क़ोले, धरे मंजीरा
उठो देव बैठो देव

Chandra Grahan: चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं न करें ये काम, अशुभ प्रभावों से बचने के लिए रखें ध्यान

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed