चैत्र पूर्णिमा (Chaitra Purnima 2020) 8 अप्रैल यानी आज है। नव संवत्सर की यह पहली पूर्णिमा होती है। चैत्र पूर्णिमा को चैत पूनम या मधु पूर्णम के नाम से जाना जाता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान का बड़ा महत्व है। आज के दिन उपवास रखा जाता है, सूर्य भगवान को जल चढ़ाया जाता है, दान-पुण्य के कार्य किए जाते हैं। पूर्णिमा तिथि के दिन भगवान विष्णु जी की पूजा का विधान है।
Chaitra Purnima 2020: नव संवत्सर की पहली पूर्णिमा आज, जानें व्रत विधि, पूजा मुहूर्त और महत्व
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चैत्र पूर्णिमा 2020 व्रत मुहूर्त (Chaitra Purnima 2020 muhurat time and date)
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ अप्रैल 7, 2020 को 12:02:47 बजे
पूर्णिमा समाप्त अप्रैल 8, 2020 को 08:06:17 बजे
चैत्र पूर्णिमा 2020 व्रत विधि
- चैत्र पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान से पहले व्रत का संकल्प लें।
- पवित्र नदी या कुंड में स्नान करें और स्नान से पूर्व वरुण देव को प्रणाम करें।
- स्नान के पश्चात सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए।
- स्नान से निवृत्त होकर भगवान मधुसूदन की पूजा करनी चाहिए और उन्हें नैवेद्य अर्पित करना चाहिए।
- अंत में दान-दक्षिणा दें।
दान में तिल, गुड़, कंबल और ऊनी वस्त्र विशेष रूप से देने चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि दान केवल जरुरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए।
चैत्र पूर्णिमा का धार्मिक दृष्टि से बड़ा महत्व है। इस दिन भगवान श्रीराम के सबसे बड़े भक्त हनुमान जी का जन्मोत्सव होता है। इसलिए प्रति वर्ष इस दिन हनुमान जयंती मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी भगवान शिव के अवतार हैं और चैत्र माह में पूर्णिमा तिथि के दिन मां अंजनी की कोख से हनुमान जी का जन्म हुआ था।