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Vat Savitri 2024: वट सावित्री व्रत में इन चीजों के बिना अधूरी है पूजा, ज़रूर शामिल करें ये पूजन सामग्री

Fri, 31 May 2024 02:25 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Fri, 31 May 2024 02:25 PM IST
सार

Vat Savitri 2024 Puja Samagiri List: वट सावित्री व्रत की पूजा सुबह से ही शुरू हो जाती है, इसलिए कहते हैं कि व्रत की पूजा सामग्री एक दिन पहले ही जुटा लेना उचित होता है।

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Vat Savitri 2024 Puja Samagri List Puja Mein Kya kya Saman Chahiye
Vat Savitri Vrat - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

Vat Savitri Pujan Samagri: वट सावित्री पूजा एक हिंदू त्योहार है जो विवाहित महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र की कामना के लिए करती हैं। यह देवी सावित्री को समर्पित है और इसमें दीर्घायु  के प्रतीक के रूप में बरगद के पेड़ (वट या बरगद वृक्ष)की पूजा शामिल है। वट सावित्री पूजा ज्येष्ठ महीने की अमावस्या  तिथि को मनाई जाती है, जो आमतौर पर ग्रेगोरियन कैलेंडर में मई और जून के बीच आती है। इस साल 6 जून को वट सावित्री का व्रत रखा जाएगा। मान्यता है कि जो भी सुहागिन महिलाएं इस व्रत को पूरे विधि-विधान से करती हैं, उन्हें अखंड सौभाग्यवती होने का का वरदान प्राप्त होता है। इस साल कई महिलाएं ऐसी होंगी जो पहली बार वट सावित्री पूजा के दिन व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा आराधना करेगी। इस व्रत की पूजा सुबह से ही शुरू हो जाती है, इसलिए कहते हैं कि व्रत की पूजा सामग्री एक दिन पहले ही जुटा लेना उचित होता है। आइए जानते हैं कि वटवृक्ष की पूजा आराधना करने के लिए क्या-क्या पूजन सामग्री आवश्यक है। 

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वट सावित्री व्रत सामग्री की सूची 
वट सावित्री की पूजा बरगद के पेड़ के नीचे की जाती है। जिन साधकों के घर के आसपास बरगद का पेड़ नहीं है तो कहीं से  बरगद की एक टहनी तोड़कर उसकी भी पूजा  कर सकती हैं। इस व्रत की पूजा के लिए नीचे दी गई इन सब वस्तुओं की आवश्यकता होती है। 

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  • बांस का पंखा
  • कलावा या सफेद सूत (हल्दी में रंगा हुआ)
  • मौसमी फल जैसे आम, लीची,तरबूज
  • फूल (लाल या पीला) और फूलों की माला
  • वट वृक्ष की डाल
  • भीगा हुआ काला चना
  • अक्षत
  • धूप बत्ती
  • पान
  • सुपारी
  • गंगाजल
  • पवित्र जल
  • केला का पत्ता
  • नए वस्त्र (लाल, पीला)
  • मिट्टी का घड़ा
  • दीप बाती
  • देसी घी
  • तांबे के लोटे में गंगाजल मिला जल
  • सिंदूर
  • रोली
  • हल्दी
  • मिठाई

वट सावित्री व्रत 2024 तिथि 
पंचांग के अनुसार, इस साल ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 5 जून शाम 7 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगी जिसका समापन 6 जून शाम 6 बजकर 7 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार इस बार वट सावित्री व्रत 6,जून 2024 दिन गुरुवार को रखा जाएगा। 

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पूजा का शुभ मुहूर्त
6 जून को प्रातः  09 बजकर :28 मिनट से लेकर 11 बजकर 43 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहने वाला है। इसलिए इसी समय में पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। 

पूजा विधि

  • सुहागिन महिलाएं सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें।  
  • स्नान के बाद लाल रंग की साड़ी पहनें और  श्रृंगार करें।  
  • इसके बाद, वटवृक्ष यानी बरगद के पेड़ के नीचे साफ-सफाई कर व्रत का संकल्प लें। 
  • गंगाजल का छिड़काव करें।  
  • उसके बाद धूप और अगरबत्ती जलाएं और वट वृक्ष के चारों तरफ सात बार कच्चा धागा लपेटें और उसकी परिक्रमा करें। 
  • इसके बाद, वट सावित्री व्रत का कथा सुनें और अपनी सास से आशीर्वाद लें।  ऐसा करने से पति को दीर्घायु मिलती है।  
  • पूजा करने के बाद जो भी फल,फूल,अनाज और कपड़ा है उसको एक टोकरी में रख कर किसी ब्राह्मण को दान करना चाहिए।  
  • मान्यता है कि ऐसा करने से दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि होती है। 
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