फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Sawan 2025 Know Lord Shiv Sawan Month Significance Sawan Start Date in Hindi

Sawan 2025: क्यों भगवान शिव को प्रिय है सावन का महीना, जानें धार्मिक महत्व

Tue, 17 Jun 2025 12:49 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Tue, 17 Jun 2025 12:49 PM IST
सार

Sawan 2025: सावन का महीना भगवान शिव को बहुत ही प्रिय होता है। इस माह में भगवान शिव की विशेष रूप से पूजा-आराधना और रुद्राभिषेक किया जाता है। आइए जानते हैं सावन का महीना भगवान शिव को क्यों हैं सबसे प्रिय।

विज्ञापन
Sawan 2025 Know Lord Shiv Sawan Month Significance Sawan Start Date in Hindi
Sawan 2025 Date - फोटो : adobe

विस्तार

हिंदू धर्म में सावन के महीने को बहुत ही पवित्र और शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत ही प्रिय होता है। ऐसा माना जाता है जो भी शिवभक्त सावन के महीने में हर दिन शिवजी की आराधना, पूजा-पाठ, मंत्रों का जाप और और जलाभिषेकर करता है उसकी सभी तरह की मनोकामनाएं जरूर पूरी होती हैं। इस साल सावन महीने की शुरुआत 11 जुलाई 2025, शुक्रवार के दिन से हो रही है। इस सावन में किसी भी तिथि का क्षय नहीं होगा जिससे पूरे 30 दिनों तक शिव आराधना करने का मौका शिव भक्तों को मिलेगा। सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाना, रुद्राभिषेक करना, महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना और सोमवार का व्रत रखना बहुत ही शुभ फलदायी होता है। आखिर शिवजी को सभी महीनों में सावन का ही महीना क्यों प्रिय होता है आइए जानते हैं। 
विज्ञापन


भोलेनाथ को इसलिए प्रिय है सावन का महीना
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार माता सती अपने हर एक जन्म में पति के रूप में शिवजी को पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। माता सती अपने पिता राजा दक्ष के द्वारा करवाए गए यज्ञ में शिवजी के अपमान के कारण अग्नि कुंड में शरीर का त्याग कर दिया था। माता सीता का दूसरा जन्म हिमालय राज के घर में पार्वती के रूप में हुआ था। तब माता पार्वती ने अपने इस जन्म शिवजी को प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। माता की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर शिवजी ने सावन के महीने में ही माता पार्वती संग विवाह किया था। इसलिए सावन का महीना भगवान शिव को बहुत ही प्रिय होता है। 
विज्ञापन


सावन माह में रुद्र अवतार में होते हैं भगवान शंकर
सावन का महीना भगवान शिव को अत्याधिक प्रिय होने के पीछे एक अन्य मान्यता भी है, जिसके अनुसार सृष्टि का पालनहार भगवान जब चार माह की योग निद्रा में रहते हैं तो उस दौरान भगवान शिव सृष्टि का संचालन करते हैं लेकिन चतुर्दशी तिथि के दिन भगवान शिव भी विश्राम के लिए सो जाते हैं। भगवान इस दौरान अपने रुद्रावतार में होते हैं। धार्मकि मान्यातओं के अनुसार जब भगवान शिव रुद्रावतार में होते हैं तो जल्द प्रसन्न होते हैं। इस कारण से सावन के महीने में रुद्राभिषेक किया जाता है और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त मिलता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

Sawan 2025: कब से शुरू होगा सावन का महीना, शिव साधना के लिए उत्तम माह में करें कामनानुसार अभिषेक

सावन माह में अपने ससुराल आते हैं शिवजी
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के महीने में ही भगवान शिव अपने ससुराल पृथ्वीलोक में आते हैं जहां पर उनका जोरदार और भव्य स्वागत किया जाता है। सावन में भगवान शिव भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। 

Yogini Ekadashi 2025: योगिनी एकादशी पर करें तुलसी माता के 108 मंत्रों का जप, दूर होगी हर समस्या

समुद्र मंथन से जुड़ी कथा
एक अन्य मान्यता के अनुसार सावन के महीने में शिवजी ने समुद्र मंथन से निकला विष पीकर सृष्टि की रक्षा की थी। विष को शिवजी ने अपने कंठ में धारण कर लिया था जिसके कारण उन्हे नीलकंठ भी कहते हैं। गले में विष को धारण करने के कारण उनके शरीर का तापमान बहुत बढ़ने लगा था तब उनके शरीर के तापमान को कम करने के लिए उनके ऊपर लगातार शीतल जल डाल कर ताप को शांत किया था। इसी कारण से शिवजी को जल अतिप्रिय है। इसी कारण सावन महीने में शिव पूजा का महत्त्व और भी बढ़ जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed