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राम नवमी 2019: पुष्य नक्षत्र योग में मनाई जाएगी राम नवमी, शुभ कार्यों के लिए रहेगा श्रेष्ठ मुहूर्त
Sun, 31 Mar 2019 04:57 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 31 Mar 2019 04:57 PM IST
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राम नवमी 2019
6 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि का शुभारम्भ होगा। 14 अप्रैल को राम नवमी मनाई जाएगी। इस बार राम नवमी पुष्य नक्षत्र के योग में है। पुष्य नक्षत्र सभी 27 नक्षत्रों में सबसे सर्वश्रेष्ठ नक्षत्र माना गया है। भगवान राम का जन्म पुष्य नक्षत्र के योग में हुआ था। अगस्त्य संहिता के अनुसार अगर चैत्र शुक्ल नवमी पुनर्वसु नक्षत्र से युक्त हो और वह दोपहर तक रहे तो यह योग बहुत पुण्यदायिनी होती है।
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राम नवमी 2019 का शुभ योग
चैत्र नवरात्र के आठवें दिन अष्टमी व नवमी एक साथ मनाई जाएंगी। अष्टमी के दिन ही सुबह 8.19 बजे नवमी तिथि प्रारंभ होगी, जो अगले दिन सुबह 6.04 बजे तक रहेगी। भगवान राम का जन्म पुष्य नक्षत्र में दोपहर 12 बजे हुआ था। इसलिए रामनवमी 14 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से पहले मनाना शुभ रहेगा।
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पुष्य नक्षत्र और राम नवमी के योग में खरीदारी शुभ
पुष्य नक्षत्र और राम नवमी के दिन भूमि, भवन, वाहन, ज्वैलरी, इलेक्ट्रिक सामान आदि खरीदने के लिए भी सर्वश्रेष्ठ दिन रहेगा। पुष्य नक्षत्र में खरीदारी शुभदायक होती।
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नव संवत्सर 2076
चैत्र नवरात्रि 6 अप्रैल से होंगे और इसी दिन से नव संवत्सर 2076 भी प्रारंभ होगा। हिन्दू पंचांग की गणना के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिन्दू नव वर्ष प्रारंभ होता है। इस नव संवत्सर 2076 को परिधावी नामक संवत के नाम से जाना जाएगा इस वर्ष संवत के राजा शनि होंगे और मंत्री सूर्य देव होंगे।