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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Pradosh Vrat 2024 Do This Work On Pradosh Vrat You Will Become Rich Soon Blessing For Lord Shiva

Pradosh Vrat: बुध प्रदोष व्रत आज, भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए करें ये उपाय

Wed, 21 Feb 2024 07:18 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 21 Feb 2024 07:18 AM IST
सार

फरवरी का दूसरा प्रदोष व्रत 21 फरवरी, बुधवार को है। पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 21 फरवरी को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर हो रही है। इसका समापन 22 फरवरी 2024 को दोपहर 01 बजकर 21 मिनट पर होगा।

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Pradosh Vrat 2024 Do This Work On Pradosh Vrat You Will Become Rich Soon Blessing For Lord Shiva
जब त्रयोदशी तिथि बुधवार को होती है तो उसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस दिन व्रत रखकर पूजा करने से शिव जी के साथ ही भगवान गणेश की भी कृपा प्राप्त होती है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Pradosh Vrat 2024: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत ही ज्यादा महत्व है। इस दिन साधक भगवान भोलेनाथ के निमित्त व्रत रखते हैं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को सुख-शांति व समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। फरवरी का दूसरा प्रदोष व्रत 21 फरवरी, बुधवार को है। पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 21 फरवरी को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर हो रही है। इसका समापन 22 फरवरी 2024 को दोपहर 01 बजकर 21 मिनट पर होगा। शिव पूजा समय शाम 06 बजकर 15 मिनट से रात 08 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। जब त्रयोदशी तिथि बुधवार को होती है तो उसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस दिन व्रत रखकर पूजा करने से शिव जी के साथ ही भगवान गणेश की भी कृपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से लम्बी आयु का वरदान प्राप्त होता है।

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प्रदोष के दिन करें ये उपाय

  • भगवान शिव ऐसे देव हैं जिनकी पूजा-आराधना और मंत्र ध्वनि से भवन में स्थित वास्तुदोषों का शमन होता है,जीवन में सुख-शांति आती है। वास्तुदोष के कारण उत्पन्न परेशानियों को दूर करने के लिए इस प्रदोष के दिन कुछ सरल उपाय करने से भगवान भोलेनाथ की अपार कृपा बनी रहती है।
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  • वास्तु दोषों से उत्पन्न अकारण भय,परेशानी आदि के निवारण के लिए तुलसीदास जी द्वारा रचित श्री रुद्राष्टकम का पाठ किया जाना सकारात्मक परिणाम देगा।
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  • घर की नकारात्मक शक्तियों को दूर करने के लिए इस दिन शिवलिंग पर अभिषेक करने के उपरान्त जलहरी के जल को घर लाकर उससे 'ॐ नमः शिवाय करालं महाकाल कालं कृपालं ॐ नमः शिवाय ' ये मंत्र जपते हुए पूरे भवन में छिड़काव करना चाहिए।
  • यदि आपके कार्यों में बहुत अड़चन आती हैं या आपसी कलह,रोग आदि से परेशान हैं तो इन तकलीफों को दूर करने के लिए घर के उत्तर-पूर्व या ब्रह्म स्थान में इस दिन रुद्राभिषेक करना शुभ परिणाम देगा।
  • आर्थिक तंगी को दूर करने एवं घर की खुशहाली बनाए रखने के लिए प्रदोष के दिन  घर की पूर्व या उत्तर-पश्चिम (वायव्य)दिशा में बिल्व का पेड़ लगाएं और उसमें नियमित रूप से जल देते रहें एवं शाम के समय इसके नीचे घी का दीपक जलाएं। बिल्व का वृक्ष स्वयं शिव का ही स्वरुप है अतः ध्यान रहे कि पेड़ के आस-पास किसी प्रकार की गंदगी नहीं रहे एवं यह सूखने न पाए।
  • उत्तर-पूर्व दिशा ईश यानि शिवजी की दिशा मानी गई है,सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह में वृद्धि एवं परिवार में एकता के लिए यहाँ शिव परिवार की तस्वीर लगाने से शुभ फलों में वृद्धि संभव है।
  • अपने दांपत्य  जीवन में सुख के लिए प्रदोष के दिन शिवजी को दही में शहद मिलाकर, उसका भोग लगाएं। इस भगवान शिव को दही और शहद का भोग लगाने से आपका  दाम्पत्य जीवन मधुर बनेगा।
  • अपने किसी विशेष कार्य की सफलता के लिए इस दिन प्रदोष वेला में दूध में थोड़ा-सा केसर मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं और दूध चढ़ाते समय मन ही मन ‘ऊँ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।  ऐसा करने से आपको अपने कार्यों में सफलता जरूर मिलेगी।

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