{"_id":"5a8671ed4f1c1bff388b8589","slug":"phulera-dooj-2018-significance-and-importance","type":"story","status":"publish","title_hn":"फुलैरा दूज है फाल्गुन माह का सबसे शुभ दिन, जानिए इसका महत्व","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
फुलैरा दूज है फाल्गुन माह का सबसे शुभ दिन, जानिए इसका महत्व
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 17 Feb 2018 08:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फुलैरा दूज पर्व के साथ ही होली के रंगों की शुरुआत हो जाती है। फाल्गुन मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर फुलैरा दूज मनाया जाता है। इसे फाल्गुन महीने का सबसे शुभ दिन माना जाता है। फुलैरा दूज का मुहूर्त 17 फरवरी के 3 बजकर 56 मिनट से शुरू होकर 18 फरवरी के शाम 4 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। फुलैरा दूज को फाल्गुन माह का सबसे अच्छा दिन माना जा है। इस दिन कोई भी शुभ काम किया जा सकता है।
विज्ञापन
फुलैरा दूज का महत्व
फुलैरा दूज का पर्व मथुरा और वृंदावन में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा की पूजा की जाती है। इस दिन सभी मंदिरों को तरह-तरह के रंग बिरंगे फूलों से सजाया जाता है और फूलों की होली खेली जाती है। फुलैरा दूज पर अबूझ मुहूर्त होता है इसलिए इस दिन को विवाह के लिए सबसे दिन उत्तम माना जाता है।
विज्ञापन
फुलैरा दूज पर घरों को फूलों और रंगोली से पूरे घर को सजाया जाता है। इस दिन से घरों और मंदिरों में भगवान कृष्ण और राधाजी को फूलों से सजाया जाता है। साथ ही फुलैरा दूज पर कृष्णजी को पकवान का भोग लगाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन राधा कृष्ण की पूजा करने से सारी मनोकानाएं पूरी हो जाती है।
विज्ञापन