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Diwali 2023 Maa Lakshmi Aarti Lyrics: दिवाली पर मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए पढ़ें सम्पूर्ण आरती यहां

Sun, 12 Nov 2023 12:25 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Sun, 12 Nov 2023 12:25 PM IST
सार

जिस तरह सभी देवी-देवता की पूजा विधि अलग प्रकार से की जाती है, ठीक उसी प्रकार प्रत्येक देवी-देवता के लिए अलग आरती गाई जाती है। मां लक्ष्मी धन की देवी हैं और उन्हीं की कृपा से मनुष्य को धन-वैभव की प्राप्ति होती है। ऐसे में दिवाली में मां महालक्ष्मी के पूजन के बाद उनकी आरती अवश्य करनी चाहिए।

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Maa Laxmi Aarti Lyrics in Hindi Jai Laxmi Mata Maiya Jai Laxmi Mata Arti
Lakshmi aarti - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Diwali 2023 Maa Lakshmi Aarti Lyrics:  इस साल 12 नवंबर 2023 को दिवाली का त्योहार है। पूरे भारत में इस पर्व का अलग ही हर्ष और उल्लास देखने को मिलता है। इस दिन पूरा देश दीए को रोशनी से जगमगा उठता है। हिंदू धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व होता है। इस दिन धन की देवी लक्ष्मी, धन कोषाध्यक्ष भगवान कुबेर और बुद्धि के देवता भगवान गणेश की पूजा की जाती है। मान्यता है कि दिवाली की रात तीनों देवों की करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। जिस तरह सभी देवी-देवता की पूजा विधि अलग प्रकार से की जाती है, ठीक उसी प्रकार प्रत्येक देवी-देवता के लिए अलग आरती गाई जाती है। मां लक्ष्मी धन की देवी हैं और उन्हीं की कृपा से मनुष्य को धन-वैभव की प्राप्ति होती है। ऐसे में दिवाली में मां महालक्ष्मी के पूजन के बाद उनकी आरती अवश्य करनी चाहिए। इस दिन विधि-विधान से पूजा के बाद आरती जरूर करनी चाहिए। यहां पढ़ें मां लक्ष्मी की आरती।

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मां लक्ष्मी की आरती 

ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।। 
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। 
मैया तुम ही जग-माता।।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। 
मैया सुख संपत्ति दाता। 
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

तुम पाताल-निवासिनि,तुम ही शुभदाता। 
मैया तुम ही शुभदाता। 
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता। 
मैया सब सद्गुण आता।
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता। 
मैया वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव,सब तुमसे आता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता। 
मैया क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

महालक्ष्मी जी की आरती,जो कोई नर गाता। 
मैया जो कोई नर गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

ऊं  जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। 
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

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