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29 के बजाय इन जगहों पर 28 अक्तूबर को करवा चौथ, जानिए कब दिखेगा चांद और क्या है पूजा विधि ?
Wed, 28 Oct 2026 10:22 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Wed, 28 Oct 2026 10:22 AM IST
सार
करवा चौथ का व्रत देश से बाहर अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में 28 अक्तूबर को मनाया जा रहा है। करवा चौथ व्रत में चतुर्थी तिथि पर चांद के दर्शन का महत्व होता है। भारत में करवा चौथ 29 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
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Karwa Chauth 2026
- फोटो : अमर उजाला AI
विस्तार
हिंदू धर्म में हर वर्ष करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। सुहागिन महिलाओं के लिए अपने पति की लंबी आयु, अच्छी सेहत, सुख-समृद्धि और संपन्नता के लिए यह व्रत महाव्रत माना जाता है। इसमें सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला रहते हुए व्रत के नियमों का पालन करना होता है। देशभर में जहां एक ओर करवा चौथ का व्रत 29 अक्तूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा, वहीं भारत से दूर विदेशों में रहने वाली भारतीय महिलाएं आज यानी 28 अक्तूबर को करवा चौथ का व्रत रखेंगी। करवा चौथ का त्योहार अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन समेत कई देशों में रहने वाले भारतीय भी बड़े ही धूम-धाम से साथ मनाते हैं। आइए जानते हैं भारत में जहां करवा चौथ 29 अक्तूबर को मनाया जाएगा तो क्यों विदेशों में करवा चौथ 28 अक्तूबर को है।
करवा चौथ 2026 की तिथि कब है ?
हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि को रखने की परंपरा है। वहीं सनातन धर्म के अनुसार, करवा चौथ व्रत के दिन चतुर्थी तिथि और चंद्रोदय का समय होना अनिवार्य माना जाता है। ऐसे में दिन में चतुर्थी तिथि और चंद्रोदय का होना बहुत ही खास माना जाता है। ऐसे में कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को जब शाम को चांद निकलता है तो सुहागिन महिलाएं दर्शन करके अर्ध्य देती हैं।
देश में चतुर्थी तिथि और चंद्रोदय का संयोग गुरुवार, 29 अक्तूबर को बन रहा है। लेकिन देश के बाहर यह संयोग एक दिन पहले यानी 28 अक्तूबर को बन रहा है। द्रिक पंचांग के अनुसार, भारत में करवा चौथ की चतुर्थी तिथि 29 अक्तूबर को देर रात 01 बजकर 6 मिनट पर शुरू हो जाएगी, जो इसी दिन यानी 29 अक्तूबर को रात 10 बजकर 09 मिनट पर खत्म हो जाएगी। इस तरह से देश में करवा चौथ 29 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
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अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में करवा चौथ कब ?
भारी संख्या में देश के लोग विदेशों में रहते हैं, जहां पर वे अपनी परंपरा, रीति-रिवाज और व्रत-त्योहार को मनाते हैं। ऐसे में जो सुहागिन महिलाएं अपने पति और परिवार संग विदेश में रह रहे हैं उनके लिए करवा चौथ का व्रत आज रखा जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, 28 अक्तूबर को ब्रिटेन में चंद्रोदय का समय शाम करीब 6 बजकर 31 मिनट रहेगा। वहीं अमेरिका में चांद के निकलने का समय करीब 7 बजकर 35 मिनट रहेगा और कनाडा में चतुर्थी तिथि का चंद्रोदय आज शाम करीब 7 बजकर 45 मिनट पर रहेगा।
भारत में कब करवा चौथ और चांद के निकलने का समय क्या होगा?
भारत में करवा चौथ 29 अक्तूबर को रखा जाएगा और इस रात को चांद के निकलने का समय द्रिक पंचांग के अनुसार, रात 08 बजकर 17 मिनट को रहेगा। लेकिन देश के कई हिस्सों में मौसम को देखते हुए चांद के निकलने में थोड़ा बहुत अंतर आ सकता है।
करवा चौथ की सरगी का समय क्या रहेगा ?
करवा चौथ में सास अपनी बहू को सरगी देती हैं और इसे सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से पहले खाकर व्रत शुरू करती हैं। सरगी में फल, मेवे और मिठाईयां रहती हैं। भारत में सरगी 29 अक्टूबर को सुबह सूर्योदय से पहले होगी जबकि पश्चिमी देशों में सरगी 28 अक्तूबर को है।
करव चौथ की पूजा कैसे करें ?
करवा चौथ की पूजा और व्रत रखने के लिए 5 मान्यताएं होती है।
1- सरगी खाना
2- सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखना।
3- शाम के समय भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा करें और व्रत कथा पढ़ें या सुने।
4- रात को चंद्रमा के निकलने पर दर्शन-पूजन और अर्घ्य दें।
5- चंद्रमा के दर्शन और पूजा करने के बाद पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलने परंपरा।
क्यों मनाया जाता है करवा चौथ और क्या है सरगी का महत्व ? जानें पूजा विधि और शहरों में चंद्रोदय का समय
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करवा चौथ 2026 की तिथि कब है ?
हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि को रखने की परंपरा है। वहीं सनातन धर्म के अनुसार, करवा चौथ व्रत के दिन चतुर्थी तिथि और चंद्रोदय का समय होना अनिवार्य माना जाता है। ऐसे में दिन में चतुर्थी तिथि और चंद्रोदय का होना बहुत ही खास माना जाता है। ऐसे में कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को जब शाम को चांद निकलता है तो सुहागिन महिलाएं दर्शन करके अर्ध्य देती हैं।
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देश में चतुर्थी तिथि और चंद्रोदय का संयोग गुरुवार, 29 अक्तूबर को बन रहा है। लेकिन देश के बाहर यह संयोग एक दिन पहले यानी 28 अक्तूबर को बन रहा है। द्रिक पंचांग के अनुसार, भारत में करवा चौथ की चतुर्थी तिथि 29 अक्तूबर को देर रात 01 बजकर 6 मिनट पर शुरू हो जाएगी, जो इसी दिन यानी 29 अक्तूबर को रात 10 बजकर 09 मिनट पर खत्म हो जाएगी। इस तरह से देश में करवा चौथ 29 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
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अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में करवा चौथ कब ?
भारी संख्या में देश के लोग विदेशों में रहते हैं, जहां पर वे अपनी परंपरा, रीति-रिवाज और व्रत-त्योहार को मनाते हैं। ऐसे में जो सुहागिन महिलाएं अपने पति और परिवार संग विदेश में रह रहे हैं उनके लिए करवा चौथ का व्रत आज रखा जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, 28 अक्तूबर को ब्रिटेन में चंद्रोदय का समय शाम करीब 6 बजकर 31 मिनट रहेगा। वहीं अमेरिका में चांद के निकलने का समय करीब 7 बजकर 35 मिनट रहेगा और कनाडा में चतुर्थी तिथि का चंद्रोदय आज शाम करीब 7 बजकर 45 मिनट पर रहेगा।
भारत में कब करवा चौथ और चांद के निकलने का समय क्या होगा?
भारत में करवा चौथ 29 अक्तूबर को रखा जाएगा और इस रात को चांद के निकलने का समय द्रिक पंचांग के अनुसार, रात 08 बजकर 17 मिनट को रहेगा। लेकिन देश के कई हिस्सों में मौसम को देखते हुए चांद के निकलने में थोड़ा बहुत अंतर आ सकता है।
करवा चौथ की सरगी का समय क्या रहेगा ?
करवा चौथ में सास अपनी बहू को सरगी देती हैं और इसे सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से पहले खाकर व्रत शुरू करती हैं। सरगी में फल, मेवे और मिठाईयां रहती हैं। भारत में सरगी 29 अक्टूबर को सुबह सूर्योदय से पहले होगी जबकि पश्चिमी देशों में सरगी 28 अक्तूबर को है।
करव चौथ की पूजा कैसे करें ?
करवा चौथ की पूजा और व्रत रखने के लिए 5 मान्यताएं होती है।
1- सरगी खाना
2- सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखना।
3- शाम के समय भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा करें और व्रत कथा पढ़ें या सुने।
4- रात को चंद्रमा के निकलने पर दर्शन-पूजन और अर्घ्य दें।
5- चंद्रमा के दर्शन और पूजा करने के बाद पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलने परंपरा।
क्यों मनाया जाता है करवा चौथ और क्या है सरगी का महत्व ? जानें पूजा विधि और शहरों में चंद्रोदय का समय