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Kaal bhairav jayanti 2024: काल भैरव जयंती आज, दुख और कष्ट दूर करने के सात कारगर उपाय
Fri, 22 Nov 2024 07:45 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 22 Nov 2024 07:45 AM IST
सार
Kaal bhairav jayanti 2024: काल भैरव को सरसों का तेल अत्यंत प्रिय है। जयंती के दिन उनके मंदिर में या घर में उनकी मूर्ति या चित्र के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
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Bhairav Jayanti 2024: जयंती के दिन भैरव अष्टक या काल भैरव स्तोत्र का पाठ करने से जीवन में शांति और समृद्धि आती है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Kaal bhairav jayanti 2024: मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालभैरव जयंती मनाई जाती है। इस दिन मध्याह्न में भगवान शिव के अंश से भैरव की उत्पत्ति हुई थी जिन्हें शिव का पांचवा अवतार माना गया है। इनके दो रूप है पहला बटुक भैरव जो भक्तों को अभय देने वाले सौम्यरूप में प्रसिद्ध है तो वहीं काल भैरव अपराधिक प्रवृतियों पर नियंत्रण करने वाले भयंकर दंडनायक है। इनकी शक्ति का नाम है 'भैरवी गिरिजा' जो अपने उपासकों की अभीष्ट दायिनी हैं। यदि विधिपूर्वक पूजा और उपाय किए जाएं, तो जीवन से कष्ट, भय और दुख दूर होते हैं।
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1. काल भैरव मंत्र का जप
काल भैरव जयंती के दिन भगवान काल भैरव के नामों का स्मरण करते हुए मंत्र जप करने से उनकी कृपा शीघ्र प्राप्त होती है। इस दिन "ॐ कालभैरवाय नमः" मंत्र का 108 बार जप करना शुभ माना जाता है। मंत्र जप से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और आत्मबल में वृद्धि होती है।
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2. सरसों के तेल का दीपक जलाना
काल भैरव को सरसों का तेल अत्यंत प्रिय है। जयंती के दिन उनके मंदिर में या घर में उनकी मूर्ति या चित्र के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इस दीपक को रातभर जलते रहने दें। यह उपाय विशेष रूप से शत्रुओं से रक्षा करने, धन हानि रोकने और परिवार में सुख-शांति बनाए रखने में सहायक होता है।
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3. कुत्तों को भोजन कराएं
मान्यता है कि भगवान काल भैरव की सवारी कुत्ता है। जयंती के दिन काले कुत्तों को मीठा रोटी, दूध, या पेडे़ खिलाना शुभ माना जाता है। इससे न केवल काल भैरव की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि जीवन में आने वाले अनहोनी घटनाओं से बचाव भी होता है।
4. भैरव अष्टक और काल भैरव स्तोत्र का पाठ
जयंती के दिन भैरव अष्टक या काल भैरव स्तोत्र का पाठ करने से जीवन में शांति और समृद्धि आती है। विशेष रूप से रात के समय पाठ करना अधिक प्रभावी होता है। यह उपाय परिवार के सदस्यों को रोगों और मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने में सहायक है।
5. मदिरा का अर्पण
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, काल भैरव को मदिरा अर्पित करना उनका प्रिय उपाय है। मंदिर में या घर पर पूजा करते समय, मदिरा को एक पात्र में अर्पित करें और इसे प्रसाद स्वरूप बांटें। इससे जीवन में आए आर्थिक संकट दूर होते हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
6. नारियल और नींबू चढ़ाना
काल भैरव की पूजा में नारियल और नींबू अर्पित करना एक शक्तिशाली उपाय है। यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए प्रभावी है, जो किसी बड़े भय या बाधा का सामना कर रहे हैं। पूजा में काले धागे से बांधा हुआ नींबू-नारियल चढ़ाने से शत्रु बाधाएं समाप्त होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।
7. काले तिल और उड़द का दान
जयंती के दिन काले तिल, उड़द, या काले वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है। इस उपाय को करने से पितृ दोष, ग्रह दोष, और अन्य वास्तु दोष समाप्त होते हैं। दान करते समय मन में यह प्रार्थना करें कि भगवान काल भैरव आपके जीवन के सभी कष्टों को दूर करें।