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कालभैरवाष्टमी आज, जानिए भगवान भैरव को प्रसन्न करने के लिए क्या करें और क्या न करें

Mon, 07 Dec 2020 11:26 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन, वास्तुविद
अनीता जैन, वास्तुविद Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 07 Dec 2020 11:26 AM IST
सार

  • 7 दिसंबर को भगवान काल भैरव का प्राकट्य पर्व हैं।
  • भगवान कालभैरव की उपासना से भूत,प्रेत एवं ऊपरी बाधाएं दूर होती हैं।
  • कालाष्टमी व्रत बहुत ही फलदायी मानी जाती है।

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kaal bhairav jayanti 2020 know puja vidhi and importance
kaal bhairav ashtami 2020: भैरवजी  का रूप भयानक जरूर है लेकिन भक्तिभाव से जो भी इनकी उपासना करता है भगवान सदैव उसकी रक्षा करते हैं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भगवान काल भैरव का प्राकट्य पर्व मार्गशीर्ष कृष्णपक्ष अष्टमी 7 दिसंबर को है। मान्यता है कि जो व्यक्ति काल भैरव जयंती के दिन काल भैरवजी की विधिवत श्रद्धा से पूजा करता है, उससे वे प्रसन्न होते हैं। साथ ही भैरवजी की पूजा से भूत-प्रेत, नकारात्मक शक्तियां और ऊपरी बाधा आदि जैसी समस्याएं भी दूर होती हैं। हिंदू धर्म में काल भैरव जी की पूजा का विशेष महत्व होता है। इन्हें भगवान शिव का पंचम अवतार माना जाता है। भैरवजी  का रूप भयानक जरूर है लेकिन भक्तिभाव से जो भी इनकी उपासना करता है भगवान सदैव उसकी रक्षा करते हैं और अपने भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं, लेकिन दूसरी ओर यदि भैरव नाराज हो जाएं तो अनिष्ट भी हो सकता है। इसलिए आइए जानते है कि भैरवजी की पूजा में क्या करें जिससे वह प्रसन्न हो जाएं और क्या नहीं करें।

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कैसे करें पूजा

भगवान काल भैरव जी की कृपा पाने के लिए और उनकी अनुकम्पा प्राप्त करने के लिए कालाष्टमी के दिन से भगवान भैरव की प्रतिमा के आगे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। भगवान काल भैरव को काले तिल, उड़द और सरसों का तेल का दीपक अर्पित करना चाहिए साथ ही मंत्रों के जाप के साथ ही उनकी विधिवत पूजा करने से वह प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा प्राप्त होती है।

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  • इस दिन श्रद्धानुसार साबुत बिल्बपत्रों पर लाल या सफेद चंदन से 'ॐ नमः शिवाय' लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। बिल्बपत्र अर्पित करते समय पूर्व या उत्तर की ओर मुख करें। इस तरह पूजा करने से काल भैरव प्रसन्न होकर आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे।
  • भगवान कालभैरव का वाहन कुत्ता है, इसलिए भैरव की कृपा पाने के लिए इस दिन काले कुत्ते को मीठी रोटी अथवा गुड़ के पुए खिलाएं। ऐसा करने से आपके जीवन से कष्टों का निवारण होगा।
  • भगवान कालभैरव की उपासना से भूत,प्रेत एवं ऊपरी बाधाएं दूर होती हैं। सभी नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा पाने के लिए इस दिन ॐ कालभैरवाय नम: का जप एवं कालभैरवाष्टक का पाठ करना चाहिए।
  • भैरव की कृपा पाने के लिए इस दिन किसी भी भैरव मंदिर में गुलाब, चंदन और गुगल की अगरबत्ती जलाएं। पांच या सात नींबू की माला भैरव जी को चढ़ाएं। गरीब और बेसहारा लोगों को गर्म कपड़े दान करें।
  • कालाष्टमी व्रत बहुत ही फलदायी मानी जाती है। इस दिन व्रत रखकर पूरे विधि-विधान से काल भैरव की पूजा करने से व्यक्ति के सारे कष्ट मिट जाते हैं। काल उससे दूर हो जाता है।  

भूलकर भी ये न करें

  • काल भैरव अष्टमी के दिन झूठ बोलने एवं किसी के साथ धोखा करने से बचें ,ऐसा करने से आपको हानि हो सकती है।
  • कालभैरव की पूजा कभी भी किसी का बुरा होने के लिए न करें,ऐसा करने से भगवान का क्रोध आपको झेलना पड़ सकता है।
  • गृहस्थ लोगों को भगवान भैरव की तामसिक पूजा नहीं करना चाहिए। आमतौर पर बटुक भैरव की ही पूजा करनी चाहिए क्योंकि यह इनका सौम्य स्वरुप है।
  •  किसी भी पशु जैसे कुत्ते, गाय आदि के साथ हिंसक व्यवहार भूलकर भी न करें।



 

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