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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Janmashtami 2020 Chappan Bhog these 56 items offer to Lord Krishna in Janmashtami

Krishna Janmashtami 2020: क्या है भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग चढ़ाने की पौराणिक कथा व लाभ

Thu, 06 Aug 2020 04:40 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Thu, 06 Aug 2020 04:40 PM IST
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Janmashtami 2020 Chappan Bhog these 56 items offer to Lord Krishna in Janmashtami
जन्माष्टमी 2020 - फोटो : अमर उजाला

नन्द के आनंद भयो... जय कन्हैया लाल की...। इस धुन पर पूरे भक्तिभाव व श्रद्धा के साथ धूम-धाम से श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। हर साल जन्माष्टमी की तैयारियां एक सप्ताह पहले से शुरू हो जाती हैं। नटखट कृष्ण को 56 भोग पकवान चढ़ाने की परम्परा सदियों से चली आ रही है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि भगवान कृष्ण को चढ़ने वाले 56 भोग का राज क्या है? कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान को 56 भोग चढाने के लाभ क्या हैं? 

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भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित किए जाने वाले 56 भोग के संबंध में कई रोचक कथाएं हैं। जिसमें एक कथा है जो गोवर्धन पर्वत से संबंध रखता है। इस कथा के अनुसार माता यशोदा बालकृष्ण को एक दिन में अष्ट पहर भोजन कराती थीं। एक बार जब इन्द्र के प्रकोप से सारे ब्रज को बचाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को उठाया था, तब लगातार 7 दिन तक भगवान ने अन्न-जल ग्रहण नहीं किया था। 
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8वें दिन जब ब्रज के लोगों ने देखा कि अब इन्द्र की वर्षा बंद हो गई है, तब सभी ब्रजवासी गोवर्धन पर्वत से बाहर निकल गए। दिन में 8 पहर भोजन करने वाले बालकृष्ण को लगातार 7 दिन तक भूखा देख ब्रजवासियों और मैया यशोदा को अत्यधिक कष्ट हुआ। तब सभी ब्रजवासियों सहित यशोदा माता ने 7 दिन और 8 पहर के हिसाब से 7X8=56 व्यंजनों का भोग बालगोपाल को लगाया। 

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कृष्ण जन्माष्टमी पर 56 के लाभ

 भगवान श्रीकृष्ण को छप्पनभोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करना बहुत लाभकारी माना जाता है। आम लोग इस दिन उन सब्जियों और अन्न को भी अपने भोजन में भगवान को भोग लगाकर शामिल करते हैं, जिनको खाना वर्षाकाल में निषेध बताया है। श्रीमदभागवत के अनुसार श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए 56 भोग का पकवान चढ़ाया जाता है। 


ऐसा कहा जाता है कि दिल का रास्ता पेट से होकर गुजरता है उसी तरह प्रभु के ह्रदय को जीतने के लिए उनके मनपसंद 56 तरह के व्यंजन का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। यह भोज रसगुल्ले से शुरू होकर दही, चावल, पूड़ी, पापड़, पञ्च मेवे से लेकर इलायची पर ख़त्म होता है। यह 6 रसों से 6 प्रकार के स्वाद का आनंद देता है। 56 भोग से भगवान प्रसन्न हो जाते हैं व भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।  


अगर आप भी इस कृष्ण जन्माष्टमी पर वृदांवन बिहारी जी को 56 भोग चढ़ाना चाहते हैं तो माय ज्योतिष डॉट कॉम लेकर आया है आपके लिए एक खास पूजा जिसमें न सिर्फ 56 भोग बल्कि बाल गोपाल का सामूहिक अभिषेक भी कराया जाएगा। यह पूजा वृंदावन के प्रतिष्ठित पुजारियों द्वारा कराई जाएगी, पूजा के पहले फोन पर आपका संकल्प भी लिया जाएगा। पूजा के बाद आप को प्रसाद भी भेजा जाएगा। तो फिर देर किस बात की, आज ही विजिट करें myjyotish.com और घर बैठे पाएं वृंदावन बांके बिहारी जी के 56 भोग व अभिषेक का पुण्य। इस पूजा के बारे में अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें- https://bit.ly/3ia25G4 

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